घग्गर नदी का बढ़ा जलस्तर, पटियाला के घनौर में सड़क पर 3.5 फीट पानी; बढ़ी चिंता

पटियाला. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते घग्गर दरिया का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। इससे पटियाला के घनौर क्षेत्र के लोगों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। बुधवार तड़के करीब तीन बजे से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। शमशपुर गांव के पास घग्गर के ओवरफ्लो होने से उंटसर-लोहसिंबली मार्ग पर करीब साढ़े तीन फीट पानी बह रहा है। सड़क पर पानी का तेज बहाव होने के कारण राहगीरों और स्कूली बच्चों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। क्षेत्र के कई लोग रोजमर्रा के काम और मजदूरी के लिए अंबाला

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Published On :

अगस्त 19, 2026

पटियाला.

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते घग्गर दरिया का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। इससे पटियाला के घनौर क्षेत्र के लोगों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। बुधवार तड़के करीब तीन बजे से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई।

शमशपुर गांव के पास घग्गर के ओवरफ्लो होने से उंटसर-लोहसिंबली मार्ग पर करीब साढ़े तीन फीट पानी बह रहा है। सड़क पर पानी का तेज बहाव होने के कारण राहगीरों और स्कूली बच्चों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। क्षेत्र के कई लोग रोजमर्रा के काम और मजदूरी के लिए अंबाला शहर जाते हैं। ऐसे में रास्ते में पानी भरने और बहाव तेज होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

बारिश में सामने आती है समस्या
ग्रामीणों जसवंत सिंह, तरलोचन सिंह, रणजीत सिंह और दलविंदर सिंह ने कहा कि यह समस्या हर साल बारिश के मौसम में सामने आती है। उनका आरोप है कि प्रशासन और सरकार की ओर से स्थायी समाधान का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीणों के अनुसार, हर वर्ष इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में फसल पानी की चपेट में आ जाती है। उन्होंने प्रशासन से कई बार इस स्थान पर पुलिया बनाने की मांग की है, ताकि पानी के कारण सड़क संपर्क बाधित न हो और लोगों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिल सके।

फंसी गाड़ी को ग्रामीणों ने निकाला बाहर
बुधवार सुबह पानी के तेज बहाव के बीच एक गाड़ी भी फंस गई। ग्रामीणों ने मिलकर प्रयास कर गाड़ी को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल करीब 200 एकड़ फसल पर पानी का खतरा मंडरा रहा है। यदि घग्गर का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के क्षेत्र में हजारों एकड़ फसल प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलस्तर की लगातार निगरानी करने, प्रभावित मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था करने और स्थायी समाधान के लिए जल्द कदम उठाने की मांग की है।