RG Kar Case: कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेप-मर्डर केस में पीड़िता की मां और अब पनिहाटी से बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने जांच की प्रगति पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि सरकार बदलने के बाद भी उनकी बेटी को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद क्या वास्तव में हालात बदले हैं?
बैरकपुर में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रत्ना देबनाथ ने कहा कि परिवार को उम्मीद थी कि सरकार बदलने के बाद मामले में न्याय की दिशा में ठोस प्रगति होगी। हालांकि, उनका दावा है कि अभी भी उन्हें ऐसा महसूस नहीं हो रहा है कि जांच उस गति से आगे बढ़ रही है, जिसकी उम्मीद की गई थी।
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सरकार बदली, क्या हालात बदले?
बीजेपी विधायक ने कहा कि उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि सरकार बदलने के बाद परिस्थितियों में सुधार आएगा और न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। लेकिन उनके मुताबिक मौजूदा स्थिति को देखकर ऐसा नहीं लगता कि उनकी उम्मीद पूरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी राजनीति में आने की इच्छुक नहीं थीं। परिवार की प्राथमिकता अपनी बेटी के लिए न्याय हासिल करना थी और राजनीतिक भूमिका निभाने का उनका कोई इरादा नहीं था।
बेटी की मौत के बाद राजनीति में आने का फैसला
रत्ना देबनाथ ने बताया कि उनके पति कारोबार करते थे और उनकी बेटी भी चाहती थी कि वह राजनीति से दूर रहें। परिवार के लिए राजनीति में प्रवेश करना किसी योजना का हिस्सा नहीं था। हालांकि, बेटी की दर्दनाक मौत के बाद परिस्थितियां बदल गईं। उनके मुताबिक, उन्हें लगातार बताया गया कि पश्चिम बंगाल में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है और इन मुद्दों पर आवाज उठाने की जरूरत है। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया।
आरजी कर घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को उनकी डॉक्टर बेटी की हत्या के बाद देशभर में आक्रोश देखने को मिला था। इस घटना ने अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा के साथ-साथ राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े किए। रत्ना देबनाथ ने अब एक बार फिर जांच की दिशा और उसकी गति को लेकर सवाल उठाए हैं। अदालत की ओर से मामले में नई विशेष जांच टीम गठित किए जाने के बाद उन्होंने सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर भी असंतोष व्यक्त किया।
डॉक्टर आरोपी हैं तो गिरफ्तारी क्यों नहीं?
बीजेपी विधायक ने जांच से जुड़े एक अहम सवाल को उठाते हुए कहा कि उन्हें बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर हैं, इसलिए उन्हें इस तरह गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में अदालत में भी डॉक्टरों की गिरफ्तारी को लेकर टिप्पणी की गई थी। इस पर रत्ना देबनाथ ने सवाल किया कि अगर उनकी बेटी खुद डॉक्टर थी और किसी डॉक्टर पर उनकी बेटी की हत्या में शामिल होने का आरोप है, तो केवल डॉक्टर होने के आधार पर गिरफ्तारी से क्यों बचा जाना चाहिए?
उनके बयान के बाद आरजी कर केस की जांच को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार लंबे समय से मामले में पूरी सच्चाई सामने आने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।










