Rewa News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान इलाज में कथित लापरवाही के कारण कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
“हमको बचा लो, ये मार डालेंगे…” – प्रसूता का वायरल वीडियो
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रसूता कल्पना मिश्रा दर्द से कराहते हुए रोते हुए यह कहती नजर आ रही हैं कि, “ऐ बाबू, हमको बचा लो… ये हमको मार डालेंगे।” यह वीडियो अस्पताल की कार्यप्रणाली और चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर सही इलाज और डॉक्टरों की अटेंशन मिल जाती, तो जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल के बाहर परिजनों का धरना और तनावपूर्ण माहौल
मनगवां क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम हटवा (थाना बैकुंठपुर) निवासी अमित मिश्रा की पत्नी कल्पना मिश्रा को गत 26 अगस्त को सुबह लगभग 2:38 बजे गांधी स्मारक चिकित्सालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसी दिन रात करीब 11:55 बजे जच्चा और उनके गर्भस्थ शिशु दोनों की मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का सब्र टूट गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का मुख्य आरोप था कि ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ ने न केवल समय पर उचित चिकित्सीय देखभाल नहीं की, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार और दुर्व्यवहार भी किया। न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे पूरे परिसर में भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
5 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित
घटना के तूल पकड़ने के बाद मेडिकल कॉलेज के डीन ने तत्काल प्रभाव से दो चिकित्सकों और दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित कर दिया है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच के लिए एक 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति तीन दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट कमिश्नर (DoPH & ME) और एमडी (NHM) को सौंपेगी। इसके अलावा, मौत के वास्तविक कारणों का दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए दोनों शवों का पैनल के माध्यम से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने लिया कड़ा संज्ञान
इस दुखद घटना को मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाना तथा निर्धारित चिकित्सीय प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन होना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच समिति की रिपोर्ट में जो भी अन्य दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुख्ता सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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