Karnataka News: मंत्री बी नागेंद्र का इस्तीफा, शपथ के महज 24 दिन बाद छोड़ा कैबिनेट पद

कर्नाटक की राजनीति में अचानक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मंत्री बी नागेंद्र ने शपथ लेने के महज 24 दिन बाद कैबिनेट पद से इस्तीफा दे दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह भावुक होकर रो पड़े। आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें दोबारा मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी इतनी जल्दी छोड़नी पड़ी?

शपथ के महज 24 दिन बाद छोड़ा कैबिनेट पद

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 29, 2026

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Karnataka News: कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्तीफे की घोषणा करते हुए नागेंद्र भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी और तरह की राजनीतिक परेशानी से बचाने के लिए वह मंत्री पद छोड़ रहे हैं। बी. नागेंद्र को इसी महीने 3 अगस्त को कैबिनेट में दोबारा शामिल किया गया था। हालांकि, महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित 89 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले को लेकर विपक्ष लगातार उन पर सवाल उठाता रहा। बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच उन्होंने 28 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

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खुद को निशाना बनाए जाने का लगाया आरोप

इस्तीफे की घोषणा के दौरान बी. नागेंद्र ने दावा किया कि उन्हें उनकी दलित पृष्ठभूमि की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह सरकार पर अतिरिक्त दबाव नहीं बढ़ाना चाहते और इसी कारण पद छोड़ने का फैसला किया है।

नागेंद्र बेल्लारी ग्रामीण विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेता बी. श्रीरामुलु को हराकर जीत दर्ज की थी। उनके इस्तीफे के बाद कर्नाटक कैबिनेट में दो मंत्री पद खाली हो गए हैं। अब इन दोनों पदों पर महिला विधायकों को मौका दिए जाने की चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि मौजूदा मंत्रिमंडल में कोई महिला मंत्री नहीं है।

पहले भी दे चुके हैं मंत्री पद से इस्तीफा

बी. नागेंद्र इससे पहले भी मंत्री पद छोड़ चुके हैं। उन्होंने 27 मई 2023 को सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री के तौर पर शपथ ली थी। उस दौरान उनके पास युवा सेवा एवं खेल तथा अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की जिम्मेदारी थी। हालांकि, महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित घोटाले में उनका नाम सामने आने के बाद उन्होंने जून 2024 में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।

दूसरी पारी सिर्फ 24 दिन चली

बी. नागेंद्र ने 3 अगस्त 2026 को एक बार फिर मंत्री पद की शपथ ली थी। इस बार उन्हें योजना एवं सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। लेकिन दूसरी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। 3 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक यानी महज 24 दिनों के भीतर उन्हें दोबारा इस्तीफा देना पड़ा। विपक्ष की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों और राजनीतिक दबाव के बीच उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।

बेल्लारी की राजनीति में लंबा सफर

बी. नागेंद्र कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह बेल्लारी और कुडलिगी क्षेत्रों से विधानसभा के लिए कई बार चुने जा चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बीजेपी से की थी और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।

2018 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा। नागेंद्र वाल्मीकि नायक समुदाय से आते हैं और कर्नाटक के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने 1993 में वीरशैव कॉलेज, बेल्लारी से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की थी।

उनका नाम खनन कारोबारी और पूर्व मंत्री गली जनार्दन रेड्डी के साथ भी जोड़ा जाता रहा है। इसके अलावा वाल्मीकि निगम से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में भी उनका नाम सामने आया था। इसी मामले ने उनके राजनीतिक करियर में बड़ा विवाद खड़ा किया और आखिरकार दूसरी बार मंत्री पद से इस्तीफे की वजह भी बना।

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