UP Weather : उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे इलाकों में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर) क्षेत्र के कारण राज्य भर में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
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मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान और सिस्टम का प्रभाव
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पूर्वी यूपी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान भले ही कमजोर पड़ जाए, लेकिन इसके प्रभाव से कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही, बंगाल की खाड़ी के उत्तर में बना चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) अब भी पूरी तरह सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बनने के संकेत हैं। यह नया सिस्टम आने वाले दिनों में पूर्वी भारत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को और अधिक बढ़ा सकता है।
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम का हाल?
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सबसे अधिक 24 सेमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा में 9 सेमी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। आईएमडी के अपडेट के मुताबिक, आने वाले दिनों में बारिश का यह दौर और तेज हो सकता है:
31 अगस्त से 3 सितंबर: पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
1 से 3 सितंबर: इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में व्यापक रूप से वर्षा दर्ज होने के पूरे आसार हैं।
2 और 3 सितंबर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी कुछ चुनिंदा हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
11 जिलों में फ्लैश फ्लड और जलभराव का गंभीर खतरा
लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान पर होने के कारण मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुल 11 जिलों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भयंकर जलभराव की चेतावनी जारी की है। कानपुर, बुंदेलखंड और आसपास के तटीय इलाकों में गंगा, यमुना, मंदाकिनी और उनकी सहायक नदियां उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है:
फर्रुखाबाद: नदियों का पानी फैलने से करीब 100 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे 75 हजार से अधिक लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
कानपुर: यहां गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर समुद्र तल से 112.84 मीटर पर पहुंच गया है, जिससे कई तटवर्ती गांव पानी से चारों तरफ घिर चुके हैं।
उन्नाव और फतेहपुर: उन्नाव में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 84 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, जबकि फतेहपुर में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र दो सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया है, जिससे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
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