दिल्ली में कूड़ा संकट से राहत, पांच जगहों पर निस्तारण कार्य शुरू होगा

नई दिल्ली  एमसीडी के लिए सभी 12 जोनों से निकलने वाला नया कूड़ा पुराने कूड़े की जगह परेशानी न बने, इससे पहले ही एमसीडी ने इसे ठिकाने लगाने की प्रक्रिया तेज करते हुए अलग-अलग पांच जगहों के लिए 5900 मीट्रिक टन कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए वर्क अवार्ड जारी कर दिया है। यह काम अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया है। एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि अब कंपनियां कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए अपना सेटअप लगाना शुरू कर देंगी। सेटअप होते ही नए कूड़े को ठिकाने लगाने का काम शुरू होगा। एमसीडी गाजीपुर, भलस्वा और ओखला लैंडफिल साइट

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Published On :

जुलाई 13, 2026

नई दिल्ली
 एमसीडी के लिए सभी 12 जोनों से निकलने वाला नया कूड़ा पुराने कूड़े की जगह परेशानी न बने, इससे पहले ही एमसीडी ने इसे ठिकाने लगाने की प्रक्रिया तेज करते हुए अलग-अलग पांच जगहों के लिए 5900 मीट्रिक टन कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए वर्क अवार्ड जारी कर दिया है। यह काम अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया है। एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि अब कंपनियां कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए अपना सेटअप लगाना शुरू कर देंगी। सेटअप होते ही नए कूड़े को ठिकाने लगाने का काम शुरू होगा।

  • एमसीडी गाजीपुर, भलस्वा और ओखला लैंडफिल साइट पर बने पुराने कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने में लगी हुई है।
  • गाजीपुर को छोड़कर बाकी दोनों साइट पर पुराने कूड़े को ठिकाने लगाने का काम काफी तेजी से चल रहा है।
  • अधिकारियों का कहना है कि गाजीपुर साइट पर कूड़ा प्रोसेस करने वाली कंपनी को प्रोसेस हुए कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए जगह नहीं मिल रही है।
  • इस वजह से यहां कूड़ा प्रोसेस करने की रफ्तार बहुत धीमी गति से चल रही है।
  • लगातार तीनों साइट्स पर डाले जा रहे लगभग 6000 मीट्रिक टन नए कूड़े ने परेशानी और बढ़ा रखी थी। क्योंकि एक तरफ जहां पुराने कूड़े के पहाड़ खत्म होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नए कूड़े का एक नया पहाड़ खड़ा होता जा रहा है।
  • इससे निपटने के लिए एमसीडी लंबे समय से नए कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए प्लानिंग बना रही थी।
  • तीनों साइट्स में से भलस्वा पर प्रतिदिन 4500 मीट्रिक टन से अधिक नया कूड़ा डाला जा रहा था।
  • इसलिए यहां समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही थी। इसके लिए सबसे पहले एमसीडी ने दूरदराज के एरिया से आने वाले नए कूड़े में भारी कटौती की।

कहां कितना मीट्रिक टन नया कूड़ा प्रोसेस होगा
    भलस्वा लैंडफिल साइट 1800
    ओखला लैंडफिल साइट 1400
    नरेला-बवाना 1200
    गाजीपुर लैंडफिल साइट 800
    सिंघोला 700