UP Politics: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हैं। इसी बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को लेकर खुलकर बात की है। अयोध्या पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध हैं और दोनों के बीच आपसी सम्मान का रिश्ता है। उनके इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
अखिलेश यादव से व्यक्तिगत संबंध, बृजभूषण ने कही दिल की बात

बताते चले कि, अयोध्या में मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव अच्छे व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वह पहले अखिलेश यादव की पार्टी से सांसद रह चुके हैं। बृजभूषण के मुताबिक, अखिलेश यादव अगर उनकी तारीफ करते हैं तो वह भी उनकी तारीफ करते हैं। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं करने की बात भी कही।
‘मैं उनके खिलाफ नहीं बोलता, वे मेरे खिलाफ नहीं बोलते’
इसी कड़ी में आगे, बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “मैं उनके खिलाफ नहीं बोलता और वे मेरे खिलाफ नहीं बोलते।” उन्होंने इस रिश्ते को राजनीति से अलग बताते हुए कहा कि इसे राजनीतिक समीकरण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। ऐसे में उनके और अखिलेश यादव के संबंधों को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं।
भाजपा में हैं बृजभूषण शरण सिंह, अखिलेश यादव सपा के नेता
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक रुख को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी में हैं, जबकि अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के नेता हैं। यानी व्यक्तिगत संबंधों और राजनीतिक संबद्धता को उन्होंने अलग-अलग बताया। उन्होंने अपने बयान में भाजपा छोड़ने या समाजवादी पार्टी में जाने का कोई संकेत नहीं दिया। ऐसे में फिलहाल उनके बयान को दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों के संदर्भ में ही देखा जा रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की चर्चा के बीच बृजभूषण शरण सिंह का अखिलेश यादव को लेकर यह बयान खासा चर्चा में है। दोनों नेताओं के बीच पुराने राजनीतिक संपर्क और व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र सामने आने के बाद सियासी हलकों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह ने अपने बयान में किसी नए राजनीतिक गठजोड़, पार्टी परिवर्तन या चुनावी भूमिका की घोषणा नहीं की है।
2027 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपना रुख साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना।” इससे पहले भी बृजभूषण शरण सिंह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से दूरी बनाए रखने की बात कह चुके हैं। उनके इस ऐलान के बाद उनके आगामी राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं जरूर बनी हुई हैं।
अयोध्या पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह

बृजभूषण शरण सिंह गुरुवार दोपहर दिल्ली से अयोध्या पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। अयोध्या पहुंचने के बाद उनके अखिलेश यादव को लेकर दिए गए हालिया बयानों पर भी चर्चा हुई। हालांकि, उन्होंने भाजपा छोड़ने या समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई घोषणा नहीं की।
अखिलेश यादव-बृजभूषण संबंधों पर चर्चा
बृजभूषण शरण सिंह के बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनके और अखिलेश यादव के संबंधों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, उनके बयान में व्यक्तिगत रिश्तों और राजनीतिक विचारधारा को अलग रखने की बात स्पष्ट तौर पर सामने आई है। बृजभूषण भाजपा में होने की बात कह चुके हैं और अखिलेश यादव सपा के नेता हैं। ऐसे में फिलहाल दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों को लेकर चर्चा जरूर तेज है, लेकिन किसी राजनीतिक बदलाव या नए समीकरण की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।










