Independence Day 2026: देश शनिवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस वर्ष समारोह की सबसे खास बात यह रही कि लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम’ का विशेष गायन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पूरे परिसर में देशभक्ति का उत्साह नजर आया।
पीएम मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। तिरंगा फहराते ही पूरे समारोह स्थल पर देशभक्ति का माहौल और अधिक भावुक हो गया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और भारतीय परंपरा के अनुरूप प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय सम्मान दिया गया। स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर लाल किला एक बार फिर देश की लोकतांत्रिक और राष्ट्रीय चेतना का प्रमुख केंद्र बना।
तिरंगे के साथ दी गई 21 तोपों की सलामी
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। यह सैन्य सम्मान स्वतंत्रता दिवस समारोह की प्रमुख परंपराओं में शामिल है। तोपों की सलामी के दौरान लाल किले का पूरा परिसर देशभक्ति के उत्साह से गूंज उठा। समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की परंपरा, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव की झलक भी देखने को मिली।
ज्ञानपथ पर बनी वंदे मातरम की आकृति
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवाओं की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया। करीब 2,500 एनसीसी कैडेट और माय भारत के वॉलंटियर्स ने ज्ञानपथ पर मिलकर ‘वंदे मातरम’ की आकर्षक आकृति बनाई। युवाओं की इस प्रस्तुति ने समारोह को खास बना दिया। इसके जरिए देश की युवा शक्ति और राष्ट्रीय भावना को प्रदर्शित किया गया।
प्रधानमंत्री के संबोधन का देश को इंतजार
तिरंगा फहराने और अन्य औपचारिक कार्यक्रमों के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने भाषण में देश की उपलब्धियों, भविष्य के लक्ष्यों, युवा शक्ति और विकसित भारत के संकल्प को लेकर महत्वपूर्ण बातें रख सकते हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में हजारों जवान तैनात
राष्ट्रीय राजधानी में स्वतंत्रता दिवस समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम की सुरक्षा में करीब 15 से 20 हजार जवानों की तैनाती की गई है। लाल किले और उसके आसपास सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रवेश से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए हैं।
1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लाल किले और आसपास के इलाकों में 1,000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए कार्यक्रम स्थल और आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति का तुरंत पता लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
5000 विशेष अतिथि बने समारोह का हिस्सा
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों के शामिल होने की जानकारी है। इनमें समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों की भागीदारी है। विशेष अतिथियों की मौजूदगी ने समारोह को और व्यापक स्वरूप दिया है। देश की उपलब्धियों में योगदान देने वाले लोगों को राष्ट्रीय समारोह का हिस्सा बनाना इस आयोजन की विशेषता रही।
देशभक्ति और युवा शक्ति का संदेश
80वें स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह परंपरा और आधुनिक भारत के संकल्प का संगम दिखाई दे रहा है। एक तरफ लाल किले से तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी जैसी पारंपरिक गतिविधियां हुईं, वहीं दूसरी ओर युवाओं ने ‘वंदे मातरम’ की आकृति बनाकर नई पीढ़ी की भागीदारी का संदेश दिया। पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम’ का गायन भी इस आयोजन को ऐतिहासिक बना गया।
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