Ranchi Student Protest: रांची छात्र आंदोलन में नया विवाद, देवेंद्र महतो ने अनशन को लेकर दिया बयान

छात्र नेता देवेंद्र महतो ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सोनम वांगचुक के आग्रह पर केवल पानी पिया था, लेकिन उनका अनशन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।

Ranchi Student Protest

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 6, 2026

Ranchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा चरम पर है। पारदर्शी परीक्षाओं, निष्पक्ष परिणामों और ईमानदार नियुक्तियों की माँग को लेकर छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और हेमंत सोरेन सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इस बड़े छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा छात्र नेता देवेंद्र महतो अपनी मांगों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हैं। हाल ही में उनके पानी पीने को लेकर फैली अफवाहों के बीच देवेंद्र महतो ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है और कहा है कि उनका संघर्ष अभी थमा नहीं है।

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सोनम वांगचुक की सलाह पर पिया पानी, अनशन जारी

शुरुआती दिनों में देवेंद्र महतो ने अन्न के साथ-साथ जल का भी पूरी तरह त्याग कर रखा था। इसी बीच, प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से देवेंद्र महतो से संपर्क किया और उनका हौसला बढ़ाया। सोनम वांगचुक ने उन्हें सलाह दी कि वे कम से कम पानी जरूर पिएं, क्योंकि जल का त्याग करना आत्महत्या के समान है।

इस सलाह का सम्मान करते हुए देवेंद्र महतो ने जल ग्रहण कर लिया है, लेकिन उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट किया है कि वे केवल पानी पी रहे हैं, उन्होंने अपना अनशन तोड़ा नहीं है। कुछ जगहों पर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं कि अनशन समाप्त हो गया है, जो कि पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे जब सरकार छात्रों की सभी जायज मांगें मान लेगी। उन्होंने आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे इस आंदोलन को कमजोर या नुकसान न पहुँचाएं, क्योंकि इसे बहुत मेहनत से खड़ा किया गया है।

‘शरीर कमजोर हुआ है, लेकिन हौसला बुलंद है’

अपनी शारीरिक स्थिति के बारे में बात करते हुए देवेंद्र महतो ने बताया कि उनकी भूख हड़ताल का आज पाँचवाँ दिन है। लगातार उपवास के कारण उनके शरीर में थकान बहुत ज्यादा बढ़ गई है। बात करने के दौरान उन्हें सीने में दिक्कत महसूस हो रही है और उठने-बैठने के लिए भी दूसरों का सहारा लेना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भले ही उनका शरीर अब उनका पूरा साथ नहीं दे रहा है, लेकिन उनका मस्तिष्क और इरादा पूरी तरह स्वस्थ है। दबी हुई और धीमी आवाज में बात करते हुए उन्होंने दोटूक कहा कि उनका यह संघर्ष और भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार न्यायोचित कदम नहीं उठाती।

“सरकार की आत्मा को जगाना है, आत्महत्या नहीं”

पीटीआई (PTI) से बातचीत करते हुए देवेंद्र महतो ने बताया कि डॉक्टरों ने उनके ब्लड प्रेशर की नियमित जाँच की है। पहले उनका बीपी काफी गिर गया था, जो अब कुछ बेहतर है।

सोनम वांगचुक से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “सोनम वांगचुक ने मुझसे कहा कि महात्मा गांधी भी भूख हड़ताल के दौरान जल ग्रहण करते थे। जल का त्याग करना आत्महत्या के बराबर है। उन्होंने समझाया कि हमें आत्महत्या नहीं करनी है, बल्कि अपनी जायज मांगों से सरकार की सोई हुई आत्मा को जगाना है। हमारी लड़ाई सच के लिए है।” इसी प्रेरणा के बाद उन्होंने जान जोखिम में डाले बिना केवल जल ग्रहण करने का फैसला किया है।

सरकार के समक्ष छात्रों की प्रमुख 16 सूत्रीय मांगें

प्रशासन और सरकार को भेजे गए 16 सूत्रीय प्रस्ताव में छात्रों ने कई अहम और बुनियादी माँगे रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

सीबीआई जांच: JPSC 2023, 2025 बैकलॉग भर्ती और TDPL जैसी विवादित निजी एजेंसियों द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर सीबीआई (CBI) से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

सरकारी तंत्र से परीक्षा: प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सरकारी तंत्र के अंतर्गत ही कराई जाए और इसमें से निजी एजेंसियों को बाहर किया जाए।

पारदर्शी SOP: भर्ती प्रक्रिया (SOP) और चयन के सभी चरणबद्ध नियमों की स्पष्ट जानकारी आधिकारिक विज्ञापन में प्रकाशित की जाए।

गैर-राजनीतिक नियुक्तियां: JPSC और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) के अध्यक्ष, सदस्यों और अन्य प्रमुख पदों पर पूरी तरह से गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि के योग्य और निष्पक्ष लोगों की नियुक्ति की जाए।

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