
Uttarakhand News: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में वन विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। पुछड़ी गांव में सुबह पांच बजे से बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस अभियान को लेकर प्रशासन और पुलिस ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं। शनिवार तड़के करीब चार बजे पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की टीमें राजकीय महाविद्यालय परिसर से अधिकारियों के नेतृत्व में एक साथ पुछड़ी गांव पहुंचीं। इसके बाद निर्धारित योजना के तहत अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया गया।
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पांच हेक्टेयर वन भूमि से हटाया जा रहा अतिक्रमण
प्रशासन की ओर से पुछड़ी गांव में करीब पांच हेक्टेयर क्षेत्र में फैले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत कच्चे और पक्के दोनों तरह के निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र को 14 सेक्टर में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए टीमें पहले से निर्धारित स्थानों पर तैनात की गई हैं। कार्रवाई शुरू होने से पहले कई परिवारों ने रात में ही अपना घरेलू सामान और जरूरी वस्तुएं समेटनी शुरू कर दी थीं। सुबह होते ही बुलडोजर की मदद से निर्माणों को हटाने का काम शुरू हो गया।
सुरक्षा के लिए 525 पुलिसकर्मी और तीन कंपनी पीएसी तैनात

अतिक्रमण हटाने के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया है। मौके पर पांच पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों, छह क्षेत्राधिकारियों, 25 निरीक्षकों और 82 उपनिरीक्षकों समेत कुल 525 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा तीन कंपनी पीएसी भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं। पूरे इलाके को दो सुपर जोन, सात जोन और 14 सेक्टर में विभाजित किया गया है। आवाजाही और सुरक्षा पर नजर रखने के लिए छह बैरियर भी बनाए गए हैं। एसपी डॉ. जगदीश चंद्र को पूरे अभियान का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, तीन अपर पुलिस अधीक्षक और छह क्षेत्राधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

वन विभाग और प्रशासन के अधिकारी भी संभाल रहे मोर्चा
पुलिस और पीएसी के अलावा वन विभाग तथा प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। मौके पर मजिस्ट्रेट के साथ वन विभाग के दो डीएफओ, पांच एसडीओ, 14 रेंजर और 240 डिप्टी रेंजर एवं बीट अधिकारी मौजूद हैं। सभी अधिकारियों को अभियान के अलग-अलग कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। वन विभाग की टीम जमीन से संबंधित कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया की निगरानी कर रही है।
किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें तैयार
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मौके पर फायर सर्विस, बम निरोधक दस्ता, एंटी रायट टीम, आंसू गैस दस्ता और क्विक रिस्पांस टीम को तैनात किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी मौके पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग से पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रशासन की निगरानी में जारी है अतिक्रमण हटाने का अभियान
पुछड़ी गांव में चल रही इस कार्रवाई को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की प्राथमिकता वन विभाग की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना और अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। 525 पुलिसकर्मियों, तीन कंपनी पीएसी और वन विभाग की बड़ी टीम की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है।
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