Rambhadracharya on Hijab PM : प्रसिद्ध कथावाचक और जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ओवैसी ने भविष्य में हिजाब पहनने वाली महिला के भारत का प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी। रामभद्राचार्य ने इस विचार को “दिवास्वप्न” बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान समाज में अनावश्यक विवाद को जन्म देते हैं। उनका यह बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
जयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया बयान
रामभद्राचार्य ने यह प्रतिक्रिया राजस्थान की राजधानी जयपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए दी। वह इन दिनों जयपुर प्रवास पर हैं और इसी दौरान उन्होंने ओवैसी के बयान पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में अगर कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी, तो वह साड़ी पहनने वाली महिला होगी, न कि किसी विशेष धार्मिक पहचान से जुड़ी हुई।
“यह दुर्भाग्यपूर्ण है” – रामभद्राचार्य की टिप्पणी
ओवैसी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि भारत पहले ही सभी समुदायों को सर्वोच्च पदों तक पहुंचने का अवसर दे चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति बने और हामिद अंसारी उपराष्ट्रपति रहे। ऐसे में इस तरह के बयान देना न तो जरूरी है और न ही उचित। उनके अनुसार, इस प्रकार की बातें केवल राजनीतिक लाभ के लिए कही जाती हैं।
महिला प्रधानमंत्री को लेकर रामभद्राचार्य का नजरिया
रामभद्राचार्य ने साफ कहा कि अगर भविष्य में भारत में कोई महिला प्रधानमंत्री बनती है, तो वह भारतीय परंपरा का प्रतीक होगी और साड़ी पहनने वाली होगी। उनके इस बयान को सांस्कृतिक पहचान और भारतीय परंपराओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके इस विचार पर भी सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग राय सामने आ रही है।
विवादों से पुराना नाता रहा है रामभद्राचार्य का
यह पहली बार नहीं है जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हों। वे अक्सर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर राय रखते हैं, जो कई बार विवाद का कारण भी बन जाती है। उनके समर्थक उन्हें स्पष्टवादी मानते हैं, जबकि आलोचक उनके बयानों को उकसाने वाला बताते हैं।
क्या कहा था असदुद्दीन ओवैसी ने?
इस पूरे विवाद की शुरुआत महाराष्ट्र के सोलापुर में हुई एक रैली से हुई थी। वहां AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि पाकिस्तान के संविधान में केवल एक धर्म के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनने की अनुमति है, जबकि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने।
ओवैसी के बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल
ओवैसी का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देशभर में इस पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं। अब रामभद्राचार्य के तीखे जवाब के बाद यह मामला और तूल पकड़ता नजर आ रहा है। फिलहाल किसी अन्य प्रमुख राजनीतिक दल की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी
रामभद्राचार्य की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा केवल एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है। अब यह संविधान, समानता, धार्मिक पहचान और भारतीय संस्कृति जैसे बड़े विषयों से जुड़ गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस पर और भी नेताओं और संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
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