Ramazan 2026: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई ने रमजान के महीने में दिल्ली की सभी शराब दुकानों को बंद करने की मांग की है। यह मांग उन्होंने 19 फरवरी को की, जब से इस साल रमजान शुरू होने की घोषणा हुई। जमाई ने सावन माह का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार सावन में नॉन वेज दुकानों को बंद कर धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाता है, उसी तरह रमजान में भी शराब की दुकानों को बंद किया जाना चाहिए।
शोएब जमाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि रमजान मुस्लिम समुदाय के लिए पवित्र महीना है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाया जाए। उनका कहना था कि रमजान के महीने में शराब की दुकानों को खुला रखने से धार्मिक भावनाओं की अवहेलना होती है।
Delhi Rain: दिल्ली NCR में बारिश के बाद लौटी ठंड, 22 फरवरी से फिर बढ़ेगा तापमान
रमजान की शुरुआत और धार्मिक महत्व
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने रमजान की शुरुआत की घोषणा की। रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं और पांच वक्त की नमाज अदा करते हैं। यह महीना रहमत, मगफिरत और नजात का प्रतीक माना जाता है। इस महीने में इफ्तार और सहरी की विशेष परंपरा निभाई जाती है। इसके अलावा तरावीह की नमाज, कुरान की तिलावत और जरूरतमंदों को दान देना भी रमजान की अहम विशेषताएं हैं। रमजान का उद्देश्य केवल उपवास नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सहिष्णुता और समाज में एकता को बढ़ावा देना भी है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
रमजान के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह महीना समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करे और हर जगह शांति तथा खुशहाली लाए। इसी प्रकार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रमजान की बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में सभी के लिए शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
शोएब जमाई की यह मांग धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सहिष्णुता को ध्यान में रखते हुए उठाई गई है। उन्होंने सावन के उदाहरण से यह स्पष्ट किया कि धार्मिक महीनों के दौरान विशेष संवेदनशीलता बरतना जरूरी है। हालांकि, इस मांग पर सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।रमजान का महीना न केवल उपवास और प्रार्थना का है, बल्कि यह लोगों को संयम, परोपकार और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख भी देता है। ऐसे में धार्मिक माहौल में संतुलन बनाए रखना और सभी समुदायों के भावनाओं का सम्मान करना महत्वपूर्ण है।









