Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट (श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास) की महत्वपूर्ण बैठक में एक बेहद बड़ा और प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पूर्व आईएफएस (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का नया कार्यवाहक महामंत्री नियुक्त किया गया है। इस बेहद संवेदनशील और बड़ी जिम्मेदारी को संभालते ही कृष्ण मोहन ने मीडिया के सामने अपनी पहली और बेबाक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया है कि राम मंदिर के प्रबंधन और संचालन में कहीं न कहीं कुछ गंभीर खामियां और लूपहोल्स (कमियां) रह गई थीं, जिसका फायदा बाहरी तत्वों ने उठाया। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताया कि हालिया घटनाक्रमों से देश-दुनिया के करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
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दोषियों को सजा और लूपहोल्स को ठीक करना पहली प्राथमिकता
नए महामंत्री कृष्ण मोहन ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए न्यास की कार्यप्रणाली में बड़े सुधारों के संकेत दिए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी तीन मुख्य प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
न्यायोचित दंड: उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इस पूरे प्रकरण में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाना न्यास का मुख्य आग्रह रहेगा। इसके लिए वे स्वयं बेहद आग्रही रहेंगे।
भविष्य में पुनरावृत्ति पर रोक: कृष्ण मोहन के अनुसार, उनकी सबसे पहली कोशिश प्रशासनिक और प्रबंधन स्तर पर मौजूद सभी लूपहोल्स को तुरंत बंद करना है। व्यवस्था को इस कदर अभेद्य बनाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो सके।
अविश्वास को विश्वास में बदलना: उन्होंने माना कि हालिया विवादों के कारण समाज में न्यास (Trust) की छवि धूमिल हुई है और जनता के मन में एक तरह का अविश्वास पैदा हुआ है। वे समाज के मन में राम मंदिर ट्रस्ट के प्रति उस खोए हुए विश्वास को पुनः स्थापित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएंगे।
राम भक्तों के दर्द पर जताया दुख, कहा— जब तक नई नियुक्ति नहीं, तब तक संभालूंगा दायित्व
अपनी नियुक्ति और कार्यकाल की स्थिति को स्पष्ट करते हुए पूर्व आईएफएस अधिकारी ने कहा, “जब तक ट्रस्ट द्वारा एक नियमित और नए महामंत्री की स्थाई नियुक्ति नहीं कर दी जाती, तब तक के लिए मुझे इस महत्वपूर्ण दायित्व के निर्वहन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।” उन्होंने बेहद भावुक लहजे में कहा कि इस पूरे विवादित प्रकरण से सिर्फ ट्रस्ट की साख को ही नुकसान नहीं पहुंचा है, बल्कि साक्षात प्रभु श्री राम के सच्चे भक्तों को अंदरूनी कष्ट हुआ है, जिसे दूर करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।
मीडिया से विशेष अपील
कार्यभार संभालते ही कृष्ण मोहन ने मीडिया जगत से भी एक विशेष और जिम्मेदार अपील की है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़ी किसी भी संवेदनशील खबर को चलाने से पहले मीडिया के साथी सत्यता की जांच अवश्य कर लें। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रक्रिया (Process) के बीच में कयास लगाने के बजाय, न्यास के अधिकृत (Authorized) पदाधिकारियों से संपर्क कर सही और सटीक जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही ट्रस्ट की किसी भी प्रक्रिया का अंतिम निर्णय हो जाएगा, उसे खुद मीडिया के सामने पूरी पारदर्शिता के साथ साझा किया जाएगा।










