Ram Mandir Trust New General Secretary: अयोध्या में राम मंदिर के भीतर दान चोरी को लेकर मचे भारी सियासी और प्रशासनिक बवाल के बीच सोमवार, 6 जुलाई 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लेते हुए वर्तमान महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया। चंपत राय की विदाई के तुरंत बाद, ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया महासचिव (General Secretary) नियुक्त कर दिया है।
अयोध्या में मौजूद हैं नए महासचिव बागड़ा
राम मंदिर परिसर से सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, नवनियुक्त महासचिव बजरंग लाल बागड़ा इस समय अयोध्या में ही मौजूद हैं। हालांकि, रणनीतिक और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के चलते उन्होंने सीधे तौर पर ट्रस्ट की इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया। सूत्रों का कहना है कि नियुक्ति से जुड़ी सभी औपचारिक कागजी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वे बहुत जल्द राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य नीति-निर्धारक के रूप में अपना नया कार्यभार संभाल लेंगे।
चार्टर्ड अकाउंटेंट और ‘नाल्को’ के पूर्व सीएमडी हैं बजरंग बागड़ा
चंपत राय जैसे कद्दावर और अनुभवी चेहरे की विदाई के बाद, राम मंदिर जैसे बेहद संवेदनशील, प्रतिष्ठित और भारी-भरकम वित्तीय बजट वाले ट्रस्ट के लिए बजरंग लाल बागड़ा का चयन उनकी असाधारण प्रशासनिक क्षमता और बेदाग छवि को देखकर किया गया है।
कॉर्पोरेट तजुर्बा: बजरंग लाल बागड़ा पेशे से एक बेहद वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) हैं।
सरकारी सेवा: वे भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन आने वाले देश के सबसे प्रतिष्ठित और ‘नवरत्न’ सार्वजनिक उपक्रम, राष्ट्रीय एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
पारदर्शिता की उम्मीद: कॉर्पोरेट जगत और सरकारी महकमों को कुशलतापूर्वक चलाने का उनका यह लंबा अनुभव राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और हालिया विवादों के बाद वित्तीय पारदर्शिता को पूरी तरह दुरुस्त करने में बेहद मददगार साबित होगा।
राजस्थान से है नाता, वीएचपी में निभाई बड़ी भूमिका
बजरंग लाल बागड़ा मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं। नाल्को (NALCO) में एक शानदार और सफल पारी खेलने के बाद उन्होंने वहां से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी। नौकरी से मुक्त होने के बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में पूरी तरह सक्रिय हो गए।
उनकी सांगठनिक निष्ठा, वित्तीय सूझबूझ और बेदाग छवि को देखते हुए फरवरी 2024 में अयोध्या में ही आयोजित हुई विहिप की केंद्रीय बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से संगठन का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चुना गया था। बजरंग लाल बागड़ा को देश भर में धर्मांतरण विरोधी कानून, जनसंख्या नियंत्रण और हिंदू मंदिरों के धार्मिक व प्रशासनिक स्वायत्तता के मामलों पर तार्किक, वैज्ञानिक और बेहद मजबूत पैरवी करने के लिए जाना जाता है। माना जा रहा है कि उनके कमान संभालते ही राम मंदिर की व्यवस्थाओं में बड़े और पारदर्शी बदलाव देखने को मिलेंगे।










