Ram Mandir Trust CEO: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासन और संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने के लिए पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार को इस पद के लिए कुल चार उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया। चयन समिति ने उम्मीदवारों से मंदिर के प्रशासन, व्यवस्थाओं के संचालन और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी भीड़ को संभालने की क्षमता से जुड़े कई सवाल पूछे। यह प्रक्रिया राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से आयोजित की जा रही है।
दूसरे दिन भी जारी रहा उम्मीदवारों का इंटरव्यू
सूत्रों के मुताबिक, सीईओ के चयन के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी राजेश पांडेय का दूसरी बार इंटरव्यू लिया गया। इसके अलावा बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक परेश सक्सेना भी बुधवार को साक्षात्कार देने वाले उम्मीदवारों में शामिल रहे। चयन समिति उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और मंदिर के भविष्य के संचालन को लेकर उनकी सोच का आकलन कर रही है।
राम मंदिर परिसर में हो रहे हैं साक्षात्कार
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने सीईओ पद के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में ही आयोजित की है। सूत्रों ने बताया कि न्यास ऐसा अधिकारी चाहता है, जो मंदिर के प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और बड़े आयोजनों की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संभाल सके। उम्मीदवारों को इंटरव्यू से पहले मंदिर परिसर का दौरा भी कराया जा रहा है, ताकि वे मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं और संचालन की वास्तविक स्थिति को समझ सकें।
तीन सदस्यीय चयन समिति कर रही उम्मीदवारों का मूल्यांकन
सीईओ चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली कर रहे हैं। समिति में उनके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे भी शामिल हैं। समिति का काम सभी उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और मंदिर प्रशासन के लिए उनकी दृष्टि का मूल्यांकन करना है। इसके बाद संभावित उम्मीदवारों के नाम न्यास के समक्ष रखे जाएंगे।
मंगलवार को आठ उम्मीदवारों का हुआ था इंटरव्यू
इससे पहले मंगलवार को चयन समिति ने आठ उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया था। इनमें तीन पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस अधिकारी, एक पूर्व आईपीएस अधिकारी और चार पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे। बुधवार को चार और आवेदकों का इंटरव्यू लिया गया। सूत्रों के अनुसार, साक्षात्कार प्रक्रिया गुरुवार को भी जारी रहने की संभावना है और बचे हुए उम्मीदवारों के इंटरव्यू गुरुवार सुबह शुरू किए जाएंगे।
बड़े आयोजनों में भीड़ संभालने पर जोर
साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों से सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी भीड़ के प्रबंधन से जुड़ा रहा। राम मंदिर में लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और विशेष पर्वों तथा धार्मिक आयोजनों के दौरान यह संख्या काफी बढ़ सकती है। ऐसे में सीईओ के सामने सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, यातायात, कतार प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को एक साथ संभालने की चुनौती होगी। समिति ने इसी क्षमता को लेकर उम्मीदवारों से उनकी रणनीति जानने की कोशिश की।
मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी पूछे गए सवाल
उम्मीदवारों से मंदिर के रोजमर्रा के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल किए गए। समिति ने यह जानने की कोशिश की कि चयनित अधिकारी मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय कैसे स्थापित करेगा। इसके अलावा उम्मीदवारों से राम मंदिर को लेकर उनकी दीर्घकालिक दृष्टि और काम करने की योजना के बारे में भी जानकारी मांगी गई। नेतृत्व क्षमता और संकट की स्थिति में निर्णय लेने की योग्यता पर भी ध्यान दिया गया।
धार्मिक आस्था और सामाजिक सक्रियता पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, कुछ उम्मीदवारों से उनकी धार्मिक आस्था, हिंदू धर्म और भगवान के प्रति विश्वास से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी तथा राम मंदिर के लिए उनकी सोच को समझने की कोशिश की गई। हालांकि, सूत्रों ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों से किसी भी तरह के व्यक्तिगत या निजी सवाल नहीं पूछे गए। चयन प्रक्रिया का मुख्य फोकस उनके अनुभव, क्षमता और मंदिर प्रशासन को लेकर दृष्टिकोण पर रहा।
शराब, जनेऊ और खान-पान जैसे सवाल नहीं पूछे गए
सूत्रों ने उन चर्चाओं को भी खारिज किया, जिनमें उम्मीदवारों से उनकी निजी जीवनशैली से जुड़े सवाल पूछे जाने की बात कही जा रही थी। स्पष्ट किया गया कि इंटरव्यू में यह नहीं पूछा गया कि उम्मीदवार शराब का सेवन करते हैं या नहीं, जनेऊ पहनते हैं या नहीं, शाकाहारी हैं या नहीं अथवा किस प्रकार के कपड़े पहनते हैं। समिति ने मुख्य रूप से पेशेवर अनुभव, नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और राम मंदिर के संचालन की योजना पर ध्यान केंद्रित किया।
5,200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवार चुने गए
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को सीईओ पद के लिए करीब 5,200 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से चयन प्रक्रिया के लिए 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों से जुड़े कुछ पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि न्यास मंदिर प्रशासन के अनुभवी और बड़े धार्मिक संस्थानों की व्यवस्थाओं को समझने वाले अधिकारियों को भी प्राथमिकता दे रहा है।
बंद कमरे में हो रहा साक्षात्कार
साक्षात्कार की प्रक्रिया मंदिर परिसर में स्थित ग्रीन हाउस में बंद दरवाजे के भीतर आयोजित की जा रही है। उम्मीदवारों को इंटरव्यू से पहले मंदिर परिसर का भ्रमण कराया जाता है। इससे चयन समिति को उम्मीदवारों की प्रतिक्रियाओं को वास्तविक परिस्थितियों के संदर्भ में समझने में मदद मिल सकती है। समिति सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन पूरा करने के बाद संभावित नामों को अंतिम चरण के लिए आगे बढ़ाएगी।
तीन नामों की सूची न्यास को सौंपेगी समिति
सूत्रों के अनुसार, तीन सदस्यीय चयन समिति सभी उम्मीदवारों के इंटरव्यू और मूल्यांकन के बाद तीन नामों को शॉर्टलिस्ट कर सकती है। इन नामों में से अंतिम नियुक्ति राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से की जाएगी। इस पद के लिए चुने जाने वाले अधिकारी के सामने मंदिर के प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और बड़े आयोजनों के प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
चंदे के गबन के आरोपों के बाद लिया गया फैसला
राम मंदिर के लिए प्राप्त चंदे के कथित गबन से जुड़े आरोपों के बाद न्यास ने पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि स्थायी और अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व से मंदिर के वित्तीय तथा प्रशासनिक कामकाज में बेहतर निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि चयन समिति किन तीन नामों को आगे बढ़ाती है और न्यास राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ के रूप में किस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपता है।
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