Yemen Houthi Attack : मोखा पर सरकारी सेना का कब्जा, हूती ठिकानों पर हमले से यमन में बढ़ा तनाव

यमन में हूती ठिकानों पर बड़े हमले के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। मोखा पर सरकारी सेना के कब्जे की खबर से संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने चिंता बढ़ा दी है। अब सवाल है कि क्या यह घटनाक्रम यमन की जंग को और भड़काएगा?

Yemen Houthi Attack

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 6, 2026

Yemen Houthi Attack : यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेनाओं के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। यमनी सरकार के मुताबिक, सरकारी बलों ने सोमवार को बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और आसपास के तटीय इलाकों से मोखा शहर तक नियंत्रण वापस लेने के लिए बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के बाद ईरान समर्थित हूती लड़ाकों को कई इलाकों से पीछे हटना पड़ा।

सरकारी सेना ने मोखा पर कब्जे का किया दावा

चार सरकारी सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब के बड़े हवाई हमलों के समर्थन से यमनी सरकारी सेना सोमवार रात मोखा शहर के बाहरी इलाके तक पहुंच गई। सूत्रों ने दावा किया कि हूती लड़ाके पहाड़ी क्षेत्रों की ओर पीछे हट रहे थे। यमन के रक्षा मंत्रालय ने बाद में कहा कि सरकारी बलों ने मोखा शहर पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया है।

हूतियों ने सऊदी ठिकानों पर हमले का दावा किया

सरकारी सेना की कार्रवाई के जवाब में हूतियों ने सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। हूती समूह के मुताबिक, रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रबीग में सऊदी अरामको की तेल रिफाइनरी, आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और खामिस मुशैत सैन्य अड्डे पर हमले किए गए। इन दावों की स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।

बाब अल-मंडेब पर नियंत्रण से ऊर्जा बाजार प्रभावित

मोखा और बाब अल-मंडेब क्षेत्र में सरकारी सेना की बढ़त की पुष्टि होने पर लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर हूतियों का प्रभाव कमजोर हो सकता है। बाब अल-मंडेब वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम जलडमरूमध्य है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव के कारण पहले से ही वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

हूतियों के पास ड्रोन हमलों का विकल्प

विशेषज्ञों के मुताबिक, बाब अल-मंडेब क्षेत्र में जमीन पर दबाव बढ़ने के बावजूद हूती समुद्री मार्गों को प्रभावित करने के लिए ड्रोन और अन्य हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हूतियों ने पहले भी जहाजों और क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता दिखाई है। इससे लाल सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

ताइज़ के आसपास भी हूतियों की बढ़त

यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज़ के आसपास भी लड़ाई तेज होने की खबर है। सरकारी सैन्य सूत्रों के अनुसार, हूती लड़ाकों ने एक पहाड़ी सड़क के हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिससे सरकारी बलों की आवाजाही प्रभावित हुई। हालांकि, एक सरकारी सूत्र ने सड़क पूरी तरह कट जाने की बात से इनकार किया। हूतियों ने सऊदी एयरस्पेस में उड़ने वाले विमानों और अन्य वाहनों पर कार्रवाई की धमकी भी दी है।

ताइज़ में बढ़ा घेराबंदी का खतरा

सरकारी सूत्रों का कहना है कि हूतियों की हालिया बढ़त से पांच लाख से अधिक आबादी वाले ताइज़ शहर पर दबाव बढ़ गया है। शहर में बड़ी संख्या में सरकारी सुरक्षा बल मौजूद हैं। स्थानीय इलाकों में ईंधन और रसोई गैस के लिए लंबी कतारें देखी गईं। इससे संकेत मिलता है कि लगातार संघर्ष का असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ रहा है।

सऊदी सहयोगियों ने बढ़ाई सैन्य तैयारी

बढ़ते संघर्ष के बीच सऊदी अरब के सहयोगी देशों ने भी अपनी सैन्य तैयारी तेज कर दी है। संयुक्त बयान के मुताबिक, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने मक्का डिफेंस एग्रीमेंट के तहत सऊदी अरब में सैनिकों और सैन्य क्षमताओं की त्वरित तैनाती पर सहमति जताई है। इससे क्षेत्रीय संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ी है।

यमन में मानवीय संकट हुआ गंभीर

संघर्ष बढ़ने का सबसे बड़ा असर यमन की आम आबादी पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी के अनुसार, हालिया लड़ाई के कारण करीब 1.84 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। यमन पहले से ही लंबे गृहयुद्ध और मानवीय संकट से जूझ रहा है। दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में जारी लड़ाई ने भोजन, ईंधन और सुरक्षित आवास की समस्या को और गंभीर बना दिया है।

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