Ram Mandir Row : राम मंदिर चोरी मामले पर मायावती की नसीहत, कहा- धार्मिक मामलों का राजनीतिकरण करना बिल्कुल गलत है

Ram Mandir Row: राम मंदिर से जुड़े चोरी के मामले पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धार्मिक मामलों का राजनीतिकरण करना बिल्कुल गलत है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। आखिर उन्होंने और क्या कहा तथा इस बयान के क्या मायने हैं, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Ram Mandir Row

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 30, 2026

Ram Mandir Row :  अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय हेराफेरी के मामलों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। इस संवेदनशील मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। मीडिया में सामने आ रही अनियमितताओं की खबरों को उन्होंने बेहद गंभीर और चिंताजनक करार दिया है। मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर दान की राशि के साथ गबन या छेड़छाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिकरण करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।

पुख्ता वित्तीय प्रणाली अपनाने की सलाह

इस विवाद को हल करने के लिए मायावती ने एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए दान को सुरक्षित रखने और उसकी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अयोध्या में एक बेहतर प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता है। मायावती ने सुझाव दिया कि देश के अन्य प्रमुख और प्रसिद्ध मंदिरों में दान-पात्रों और चढ़ावे का हिसाब-किताब रखने के लिए जो व्यवस्था अपनाई जाती है, उसी तर्ज पर अयोध्या में भी एक आधुनिक और पुख्ता सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यदि दान का पूरा लेखा-जोखा रखने के लिए कड़े नियम और डिजिटल प्रणाली को अपनाया जाए, तो भविष्य में ऐसी गड़बड़ी की शिकायतें नहीं होंगी।

धर्म और राजनीति को अलग रखने का आह्वान

मायावती ने धर्म के बढ़ते राजनीतिकरण पर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी जैसी संवैधानिक और राजनीतिक पार्टियों के लिए यह कर्तव्य है कि वे देश और जनहित में यह सलाह दें कि राजनीति के अपराधीकरण, अपराध के राजनीतिकरण और धर्म के साथ राजनीति को जोड़ने की कुप्रथा को रोका जाए। उन्होंने राजनीति में अंधी धार्मिकता को बढ़ावा देने के खतरों के प्रति भी आगाह किया। मायावती ने देशवासियों से भावुक अपील की है कि वे आस्था और धर्म के मामलों को राजनीतिक लाभ-हानि से पूरी तरह दूर रखें। उन्होंने आम लोगों से प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था पर धैर्य और भरोसा बनाए रखने का आग्रह किया है।

मामले की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा

गौरतलब है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में दर्शनार्थियों की संख्या में भारी उछाल आया है। मंदिर में रोजाना करोड़ों रुपये का चढ़ावा आ रहा है, जिसकी सुरक्षा और गिनती एक बड़ी चुनौती बन गई है। हाल ही में दान पेटी में चोरी, गड़बड़ी और हेराफेरी की खबरें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले ने विपक्ष को भी सरकार को घेरने का मौका दे दिया है, जबकि पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की गहन तफ्तीश कर रही हैं ताकि चढ़ावे के गबन में शामिल बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

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