Ram Mandir: राम मंदिर ट्रस्ट की 6 जुलाई को अहम बैठक, दो तिहाई बहुमत से होगा फैसला

राम मंदिर ट्रस्ट बैठक अपडेट: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

Ram Mandir

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 2, 2026

Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर हाल ही में उपजे चढ़ावा चोरी के विवाद के बाद अब संस्था के भविष्य को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आगामी 6 जुलाई को ट्रस्ट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के दायित्वों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बैठक के परिणाम ट्रस्ट की भावी दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

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इस्तीफे पर निर्णय और ट्रस्ट के बायलॉज

सूत्रों के अनुसार, चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के भविष्य को लेकर फैसला ट्रस्ट के निर्धारित बायलॉज (उप-नियमों) के तहत लिया जाएगा। नियम के मुताबिक, किसी भी पदाधिकारी को उनके पद से हटाने या उनका इस्तीफा स्वीकार करने के लिए ट्रस्ट में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि चंपत राय को महासचिव पद से मुक्त भी किया जाता है, तो भी वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे। यह व्यवस्था ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों पर समान रूप से लागू होती है। वर्तमान में ट्रस्ट के कुल 14 सदस्यों में से दो पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं, जिसके चलते अब 12 सदस्यों की राय ही अंतिम होगी।

मतदान प्रक्रिया की महत्ता

ट्रस्ट में किसी भी बड़े निर्णय के लिए मतदान की प्रक्रिया पहले भी अपनाई जा चुकी है। रामलला की मूर्ति के चयन का उदाहरण हमारे सामने है, जहाँ 15 में से 11 सदस्यों ने अरुण योगीराज द्वारा निर्मित प्रतिमा के पक्ष में मतदान किया था। दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद ही उसे गर्भगृह के लिए चुना गया था। अब एक बार फिर ट्रस्ट उसी प्रक्रिया का पालन करते हुए चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के मामले में निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।

प्रमुख सदस्यों और आमंत्रितों की भूमिका

6 जुलाई की इस बैठक में ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्यों के रुख पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती और जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ जैसे दिग्गज इस बैठक में अपने विचार रखेंगे।

बैठक में केवल स्थायी सदस्य ही नहीं, बल्कि आमंत्रित सदस्यों की भूमिका भी अहम होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के भैयाजी जोशी और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिनेश चंद्र के साथ-साथ विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा और संगठन मंत्री मिलिंद परांडे को भी आमंत्रित किया जा सकता है। यदि इन आमंत्रित सदस्यों को मतदान का अधिकार प्राप्त होता है, तो उनकी राय बैठक के परिणामों को पूरी तरह बदल सकती है।

ट्रस्ट का आंतरिक मतभेद

हालांकि, सभी सदस्य बदलाव के पक्ष में नहीं हैं। ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने खुलकर अपना मत रखते हुए कहा है कि ट्रस्ट में वर्तमान में किसी भी बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के भीतर दो गुट स्पष्ट नजर आ रहे हैं—एक पक्ष चंपत राय का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष प्रशासनिक बदलाव की मांग पर अड़ा हुआ है। अब देखना यह होगा कि 6 जुलाई को होने वाली यह बैठक मंदिर प्रबंधन की छवि और कार्यप्रणाली को किस दिशा में ले जाती है।

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