Ram Mandir Donation Scam : राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों की संपत्ति होगी ज़ब्त, बैंक खातों में भारी ट्रांजैक्शन

राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दान राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। आरोपियों के बैंक खातों में बड़े लेनदेन सामने आने के बाद उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आखिर पूरा वित्तीय नेटवर्क कैसे सामने आया और जांच में अब तक क्या मिला, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Ram Mandir Donation

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 2, 2026

Ram Mandir Donation Scam :  राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी (SIT) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस कांड से जुड़ी परतें खुलती जा रही हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने चोरी के धन का उपयोग अपनी आय से अधिक संपत्ति बनाने में किया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के बैंक खातों में उनकी वास्तविक हैसियत से कहीं अधिक लेनदेन के सबूत मिले हैं। पुलिस अब इन सभी संपत्तियों, जिनमें घर, प्लॉट और अन्य निवेश शामिल हैं, का ब्योरा जुटाकर उनकी कुल कीमत का आकलन कर रही है। यह स्पष्ट हो गया है कि चोरी की रकम को विभिन्न निवेशों के जरिए खपाया गया था, जिसे अब कानूनन वसूलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में अनिल और गोपाल सहित अन्य संदिग्धों के बैंक खातों और उनके परिजनों के खातों की डिटेल खंगालना शुरू कर दिया है।

लवकुश मिश्रा की अवैध संपत्ति पर अयोध्या विकास प्राधिकरण का चाबुक

इस मामले में गिरफ्तार लवकुश मिश्रा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उसके द्वारा सोहावल तहसील में पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम से खरीदी गई संपत्ति पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में खुलासा हुआ कि यह जमीन मंदिर में काम करने के दौरान खरीदी गई थी। रजिस्ट्री में जमीन की कीमत मात्र 8.8 लाख रुपये दर्शाई गई, जबकि इसका वास्तविक बाजार मूल्य 25 लाख रुपये से अधिक है। निरीक्षण में पाया गया कि यह निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कराए और नियमों की अनदेखी करके किया जा रहा था। प्राधिकरण अब सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी कर निर्माण संबंधी दस्तावेज मांगेगा। यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक: इस्तीफों पर होगी वोटिंग

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा होगी। ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार, किसी पदाधिकारी को हटाने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। फिलहाल ट्रस्ट में 12 सक्रिय सदस्य हैं। यदि चंपत राय को महासचिव पद से मुक्त भी किया जाता है, तो भी वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे। इस बैठक का परिणाम मंदिर प्रबंधन की भावी कार्यप्रणाली के लिए अत्यंत निर्णायक होगा।

संघ और विहिप की भूमिका: ट्रस्ट के फैसलों पर रहेगी पैनी नजर

आगामी बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। भैयाजी जोशी, दिनेश चंद्र, बजरंग लाल बांगड़ा और मिलिंद परांडे जैसे शीर्ष नेताओं के बैठक में शामिल होने की प्रबल संभावना है। यदि इन आमंत्रित सदस्यों को मतदान का अधिकार दिया जाता है, तो यह निर्णय पूरी तरह से बदल सकता है। मंदिर की साख और सुरक्षा को लेकर ट्रस्ट अब कोई भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। एसआईटी की जांच और ट्रस्ट की यह बैठक दोनों ही इस मामले में आगे की दिशा तय करने वाले बड़े कदम माने जा रहे हैं।

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