Champat Rai Resignation: राम मंदिर निर्माण और प्रबंधन से जुड़ी सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर SIT जांच चल रही है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का पद से त्याग
बताते चले कि, राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच और FIR के बाद से ही ट्रस्ट पर भारी दबाव था। चंपत राय और अनिल मिश्रा पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते दोनों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं। यह घटनाक्रम मंदिर प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इस्तीफों की पुष्टि के बाद हलचल तेज हो गई है।
चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपी गिरफ्तार
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, राम मंदिर चंदा और चढ़ावा चोरी मामले की SIT रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चूंकि आज मुहर्रम के उपलक्ष्य में अदालतों में अवकाश है, इसलिए सामान्य अदालती कामकाज बंद है। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इन सभी 8 आरोपियों को दोपहर 2:00 बजे के बाद ड्यूटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (Duty MM) के समक्ष पेश किया जाएगा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट का कार्य छुट्टियों या अदालत के सामान्य समय के बाद ऐसे तत्काल न्यायिक मामलों, जैसे कि रिमांड, जमानत या गिरफ्तारी की सुनवाई करना होता है। पुलिस ने पुख्ता सबूतों के साथ सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है।
सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्त चेतावनी
इस संवेदनशील मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। FIR दर्ज होने के तुरंत बाद सीएम ने अपना बयान देते हुए कहा कि जैसे ही आरोप सामने आए, सरकार ने बिना देरी किए SIT गठित करने के निर्देश दिए थे। SIT ने भी त्वरित गति से जांच कर रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर तत्काल FIR दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अयोध्या हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है और जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।










