Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में 5 याचिकाओं का निपटारा, SC ने दिया ये निर्देश

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पांच याचिकाओं का निपटारा कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि एसआईटी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच में 105 घटनाओं और आठ लोगों के खिलाफ सबूत मिलने की बात सामने आई है। अब ट्रायल कोर्ट में आगे की कार्रवाई होगी।

Ram Mandir Donation Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 2, 2026

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पांच याचिकाओं पर सुनवाई बंद कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले में सोमवार, 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच के सामने उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि मामले की जांच कर रही एसआईटी ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सरकार की ओर से यह जानकारी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब ट्रायल कोर्ट इस मामले पर कानून के मुताबिक विचार करे। अदालत ने साफ किया कि उसने मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई या उनके गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यानी आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला निचली अदालत में होने वाली सुनवाई के दौरान ही किया जाएगा।

शिकायतकर्ता बनकर ट्रायल कोर्ट की मदद कर सकेंगे याचिकाकर्ता

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भी एक विकल्प दिया है। अदालत ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता चाहें तो मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के तौर पर ट्रायल कोर्ट की सहायता कर सकते हैं। इस तरह वे निचली अदालत के सामने अपनी बात रख सकेंगे। इस आदेश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी पांचों याचिकाओं का निपटारा कर दिया। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि चढ़ावा चोरी का मामला खत्म हो गया है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया ट्रायल कोर्ट में चलेगी और वहीं आरोपों पर सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाई गई थी नई SIT

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाई गई थी नई SIT

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिए थे। 20 जुलाई को अदालत ने राज्य सरकार से नई एसआईटी गठित करने को कहा था। इसके बाद 27 जुलाई को सरकार ने कोर्ट को बताया कि आदेश के मुताबिक नई जांच टीम बना दी गई है। इस एसआईटी की जिम्मेदारी लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस को सौंपी गई। टीम में एक डीआईजी और एक एसएसपी को भी शामिल किया गया। सुप्रीम कोर्ट का मकसद था कि मामले की जांच नई टीम के जरिए कराई जाए, ताकि कथित चोरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल हो सके।

105 घटनाओं में चंदा चोरी की जानकारी, 8 लोगों के खिलाफ मिले सबूत

21 सितंबर को एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी। जांच टीम ने बताया था कि चंदा चोरी से जुड़ी कुल 105 घटनाओं की जानकारी सामने आई है। साथ ही आठ लोगों के खिलाफ सबूत मिलने की बात भी कही गई थी। एसआईटी ने अपनी जांच में सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों के रिकॉर्ड और दूसरे दस्तावेजों को आधार बनाया। रिपोर्ट देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने जांच टीम को आरोप पत्र दाखिल करने की अनुमति दे दी थी। अब राज्य सरकार ने अदालत को बताया है कि चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

CBI जांच और ट्रस्ट के फोरेंसिक ऑडिट की भी हुई थी मांग

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कुल पांच याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इन्हें वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अजय कुमार राय, आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, हिंदू धर्म परिषद और अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से दायर किया गया था।

याचिकाओं में मामले की जांच सीबीआई को सौंपने, विशेष एसआईटी गठित करने और मंदिर के दान प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की गई थी। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट का फोरेंसिक ऑडिट कराने और मंदिर को मिलने वाले चढ़ावे का पूरा ब्योरा आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई थी।

चढ़ावा चोरी विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में हुए बदलाव

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद जांच के दौरान कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसके साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में भी कुछ बदलाव किए गए। ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ का पद बनाया और इस पर वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र को जिम्मेदारी सौंपी।

चढ़ावा चोरी विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में हुए बदलाव

वहीं, 27 जून को ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से याचिकाओं का निपटारा किए जाने के बाद मामले की अगली प्रक्रिया ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आरोपों पर अंतिम फैसला जांच और मुकदमे के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही होगा।

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