Ram Mandir Donation Scam : राम मंदिर का पैसा चुराकर लवकुश ने बनाया महल, आलीशान घर पर चलेगा अब बुलडोजर!

राम मंदिर दान राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में आरोपी लवकुश की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं। इसी बीच आलीशान मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की चर्चा तेज है। आखिर पूरा मामला क्या है और जांच में अब तक क्या सामने आया, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Ram Mandir Donation Scam

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 2, 2026

Ram Mandir Donation Scam : अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। इस संवेदनशील मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, लवकुश मिश्रा की मुश्किलें अब लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अब यह मामला केवल चोरी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन ने आरोपी की अवैध संपत्तियों और वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, लवकुश मिश्रा पर अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है।

निर्माणाधीन मकान को लेकर पत्नी को जारी हुआ नोटिस

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने लवकुश मिश्रा के सोहावल तहसील स्थित निर्माणाधीन मकान को लेकर उसकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा को एक कड़ा नोटिस जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण कार्य बिना किसी वैध नक्शे या सरकारी मानकों की अनदेखी करते हुए किया जा रहा है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने जब मौके का निरीक्षण किया, तो पाया कि निर्माण नियमों के विरुद्ध चल रहा है। इस संबंध में अब आरोपी के परिवार को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा अवैध निर्माण को गिराने (ध्वस्तीकरण) की कार्रवाई की जा सकती है।

जमीन की खरीद-फरोख्त और वित्तीय हेराफेरी की जांच

जांच के दायरे में केवल मकान ही नहीं, बल्कि जमीन खरीदने की प्रक्रिया भी आ गई है। लवकुश मिश्रा ने पिछले साल अक्टूबर महीने में यह जमीन अपनी पत्नी के नाम से खरीदी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि रजिस्ट्री में जमीन की कीमत मात्र 8.8 लाख रुपये दिखाई गई है, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 25 लाख रुपये के आसपास है। अधिकारियों को संदेह है कि मंदिर में काम करने के दौरान की गई अवैध कमाई का इस्तेमाल इस संपत्ति को बनाने में किया गया है। अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि क्या यह संपत्ति काली कमाई से अर्जित की गई है।

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एक सप्ताह में स्पष्टीकरण न देने पर चलेगा बुलडोजर

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर निर्माण से संबंधित वैध नक्शे और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो प्रशासन कड़ा कदम उठाएगा। प्रशासन की ओर से पूछा गया है कि क्या इस निर्माण के लिए कोई नक्शा पास कराया गया था या नहीं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है, तो नियमानुसार अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन के इस सख्त रुख से साफ है कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर अब कानूनी प्रहार तेज हो गया है।

एसआईटी की रडार पर अन्य आरोपी और संपत्ति

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस मामले में केवल लवकुश ही नहीं, बल्कि अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, करूणेश पांडेय, राम शंकर यादव और मनीष कुमार यादव समेत कुल आठ लोग पुलिस की हिरासत में हैं। इस पूरे मामले की जांच एसआईटी (SIT) द्वारा गहनता से की जा रही है। अब जांच एजेंसी आरोपी की संपत्ति के साथ-साथ अन्य संदिग्ध गतिविधियों का भी पता लगा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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