Ram Mandir Donation Scam: ‘साजिश की जड़ आसपास ही है…’ राम मंदिर फंड विवाद पर अखिलेश यादव ने क्यों कहा ऐसा?

अयोध्या राम मंदिर के दानपात्रों और करोड़ों रुपये के चढ़ावे को लेकर सोशल मीडिया पर जारी अफवाहों के बीच योगी सरकार ने एसआईटी (SIT) का गठन किया है. इस कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसते हुए जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

Ram Mandir Donation Scam

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 14, 2026

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दानपात्रों और चढ़ावे को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही विभिन्न अफवाहों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुद ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के लिखित अनुरोध के बाद की गई है. ट्रस्ट का मानना है कि ये अफवाहें न केवल मंदिर की छवि को धूमिल करने का प्रयास हैं, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने की एक गहरी साजिश भी हो सकती हैं. इस त्रिस्तरीय उच्च स्तरीय कमेटी को मामले की निष्पक्षता से जांच कर जल्द ही शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है.

जांच समिति के सदस्य

बताते चले कि, इस संवेदनशील मामले की तह तक जाने के लिए सरकार ने बेहद अनुभवी अधिकारियों को इस विशेष जांच दल में शामिल किया है. एसआईटी (SIT) की कमान लखनऊ के मंडलायुक्त और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय विश्वास पंत को सौंपी गई है. उनके साथ इस टीम में पुलिस महानिरीक्षक (आईपीएस) किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं. यह उच्च स्तरीय टीम राम मंदिर के दानपात्रों और चढ़ावे से जुड़े प्रबंधन, संकलन और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा करेगी, ताकि सोशल मीडिया पर तैर रहे दावों और आरोपों की असल हकीकत को सामने लाया जा सके.

सपा प्रमुख का तीखा हमला

वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है. शनिवार (14 जून) शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने तंज कसा कि इस कथित घोटाले या साजिश की जड़ें कहीं दूर नहीं, बल्कि सत्ता के गलियारों के आसपास ही मौजूद हैं. अखिलेश ने लिखा, “इस षड्यंत्र का मूल दूर नहीं है… इसलिए सच में कार्रवाई करने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. यदि दोषी के बारे में पता करने में पुलिस अक्षम हो, तो हम सहायता कर दें.” उन्होंने मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कोर्ट से की स्वतः संज्ञान लेने की अपील

गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे का यह विवाद इस महीने की शुरुआत में ही गरमा गया था, जब अखिलेश यादव ने एक गंभीर दावा किया था. 7 जून को ‘एक्स’ पर किए गए अपने एक पोस्ट में सपा प्रमुख ने आरोप लगाया था कि भगवान राम के दरबार में चढ़ाए गए करोड़ों रुपये गायब हो चुके हैं. इसे उन्होंने ट्रस्ट के लिए एक बेहद शर्मनाक स्थिति करार दिया था और नाराजगी जताई थी कि इतने गंभीर विषय पर अब तक किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी ने सामने आकर सफाई नहीं दी है. श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देते हुए अखिलेश ने इस कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले में माननीय अदालत से स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने की अपील भी की थी.