Ram Mandir Donation Case : अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट देगी SIT, फाइनल रिपोर्ट के लिए मांगा समय

राम मंदिर दान मामले की जांच कर रही एसआईटी अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश करने वाली है। साथ ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि अंतरिम रिपोर्ट में कौन से अहम तथ्य सामने आते हैं और अदालत क्या निर्देश देती है।

Ram Mandir Donation Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 17, 2026

Ram Mandir Donation Case :  अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, जांच की जटिलता और गहनता को देखते हुए टीम ने अंतिम (फाइनल) रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त समय की मांग की है। इससे पूर्व, एसआईटी ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी थी, जिसके आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए जाने वाले आगामी निर्देशों पर ही जांच की भावी दिशा निर्भर करेगी।

एसआईटी का गठन और जांच की समय-सीमा

चंदा चोरी का गंभीर मामला प्रकाश में आने के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। शुरुआत में इस टीम को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, जांच के दायरे को देखते हुए एक जुलाई को एसआईटी के कार्यकाल को 15 दिन और बढ़ा दिया गया था। सूत्रों का मानना है कि एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट के निष्कर्षों के बाद मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और चढ़ावे की गणना की व्यवस्था में आमूल-चूल और व्यापक सुधार किए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की वित्तीय गड़बड़ियों को रोका जा सके।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन: केशव प्रसाद मौर्य

इस संवेदनशील मामले पर राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भरोसा दिलाया है कि सरकार रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मौर्य ने जोर देकर कहा कि जो भी व्यक्ति चंदा चोरी में लिप्त पाया जाएगा, उसे कानून की सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है। गौरतलब है कि ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक 22 जुलाई को अयोध्या में प्रस्तावित है, जिसमें कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है।

कानूनी प्रक्रिया और पिछली कार्रवाई का विवरण

एसआईटी ने अपनी 9 पृष्ठों की प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को राज्य सरकार को सौंपी थी। उस शुरुआती जांच के आधार पर इस मामले में कई त्वरित और महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनमें संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करना, मुख्य संदिग्धों की गिरफ्तारी और मंदिर ट्रस्ट के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे जैसे बड़े घटनाक्रम शामिल हैं। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का यह मामला अब सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। 13 जुलाई को शीर्ष अदालत ने इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने हेतु याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था और एसआईटी को जांच की वस्तुस्थिति (स्टेटस रिपोर्ट) पेश करने का निर्देश दिया था। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना है।

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