Ram Mandir Ayodhya: 2500 कर्मचारी, भारी चढ़ावा और लाखों श्रद्धालु, अब राम मंदिर की पूरी व्यवस्था संभालेंगे CEO

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के संचालन को अधिक पेशेवर, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए पहली बार 'मुख्य कार्यकारी अधिकारी' (CEO) का पद सृजित किया है।

Ram Mandir Ayodhya

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 10, 2026

Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के संचालन को और अधिक पेशेवर, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट अब पहली बार एक ‘मुख्य कार्यकारी अधिकारी’ (CEO) की नियुक्ति करने जा रहा है। यह निर्णय मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य मंदिर की व्यवस्थाओं को आधुनिक युग की जरूरतों के अनुरूप ढालना है।

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पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक लेखा प्रणाली

सीईओ की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मंदिर के वित्तीय प्रबंधन में होगी। लाखों श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे का प्रबंधन अब एक पेशेवर दृष्टिकोण से किया जाएगा। ट्रस्ट का लक्ष्य है कि दान-पुण्य की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। इसके लिए आधुनिक अकाउंटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जहाँ चार्टर्ड अकाउंटेंट और वित्तीय विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम हर पैसे का हिसाब रखेगी। यह व्यवस्था न केवल वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करेगी, बल्कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह समाप्त कर देगी।

2500 कर्मचारियों का कुशल संचालन और प्रशासन

राम मंदिर परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता, दर्शन व्यवस्था और अन्य सेवाओं में इस समय लगभग 2500 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन हजारों कर्मचारियों के कार्यों का समन्वय करना, उनकी ड्यूटी का प्रबंधन करना और प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखना अब सीईओ की सीधी जिम्मेदारी होगी। कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन की निगरानी और उनके बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना मंदिर की दैनिक गतिविधियों को सुचारू बनाने के लिए अनिवार्य है, जिसे सीईओ एक व्यवस्थित ढांचे के तहत संचालित करेंगे।

समन्वय और प्रशासनिक निर्णयों का कार्यान्वयन

राम मंदिर के भव्य संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर तालमेल जरूरी है। सीईओ की एक अहम भूमिका ट्रस्ट बोर्ड, मंदिर के अध्यक्ष, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच एक सेतु (Coordination Bridge) के रूप में कार्य करने की होगी। ट्रस्ट द्वारा लिए गए नीतिगत फैसलों को जमीन पर उतारना और विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी एजेंसियों के बीच सामंजस्य स्थापित करना उनकी कार्यशैली का मुख्य हिस्सा होगा।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा

राम मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, और विशेष पर्वों पर यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। भीड़ का प्रभावी प्रबंधन और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना सीईओ के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगी। वे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ मिलकर प्रवेश, निकास और दर्शन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसके अलावा, परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी नेटवर्क, भवनों के रखरखाव और अन्य आधारभूत सुविधाओं की निगरानी भी उनके दायित्वों में शामिल होगी।

ट्रस्ट ने सीईओ के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। माना जा रहा है कि 22 जुलाई को होने वाली बैठक में इस पद के लिए नाम की घोषणा कर दी जाएगी। इस नई नियुक्ति के साथ ही राम मंदिर का प्रशासनिक ढांचा अधिक आधुनिक, जवाबदेह और सुव्यवस्थित हो जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं में भी व्यापक सुधार होगा।

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