Lucknow News: लखनऊ के सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार से अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण शहर के बहुप्रतीक्षित ग्रीन कॉरिडोर का लोकार्पण है, जो राजधानी की यातायात व्यवस्था को एक नई दिशा प्रदान करेगा। राजनाथ सिंह 12 और 13 मार्च को शहर में विभिन्न सार्वजनिक और निजी कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
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रक्षा मंत्री का आगमन और प्रारंभिक कार्यक्रम
महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्री 12 मार्च की रात लगभग 8:00 बजे लखनऊ हवाई अड्डे पर उतरेंगे। हवाई अड्डे से सीधे वे एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए प्रस्थान करेंगे। रात्रि विश्राम के लिए वे 5-A, कालिदास मार्ग स्थित आवास पर रुकेंगे, जहां से वे अगले दिन की गतिविधियों का संचालन करेंगे।
शिक्षा क्षेत्र में योगदान और स्थानीय जनसंपर्क
शुक्रवार, 13 मार्च की सुबह राजनाथ सिंह के व्यस्त कार्यक्रमों से भरी होगी। सुबह 11:20 बजे अपने आवास से निकलने के बाद, वे सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) की गोल्फ सिटी शाखा के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इसके पश्चात, वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसमें विधायक योगेश शुक्ला के आवास पर जाना और दिवंगत पूर्व MLC विंध्यवासिनी कुमार के परिजनों से भेंट करना शामिल है, जो उनके स्थानीय जुड़ाव और संवेदना को दर्शाता है।
ग्रीन कॉरिडोर का लोकार्पण और जनसभा संबोधन
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव शाम 4:30 बजे आएगा, जब राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ समतामूलक चौराहे पर ग्रीन कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। वे न केवल इस नए मार्ग का निरीक्षण करेंगे बल्कि परियोजना को धरातल पर उतारने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी करेंगे। इसके तुरंत बाद, झूलेलाल वाटिका में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी, जहाँ वे लखनऊ की जनता को संबोधित करेंगे। शाम 6:20 बजे वे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और ‘सागर संकल्प’ का संदेश
लखनऊ दौरे से पूर्व, राजनाथ सिंह ने कोलकाता में ‘सागर संकल्प’ संवाद के माध्यम से देश को आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) के कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक उथल-पुथल और बदलती ‘सप्लाई चेन’ के बीच भारत को अपनी समुद्री शक्ति और रक्षा संसाधनों में स्वदेशी तकनीक अपनानी होगी।
समुद्री सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक समीकरण पर मंथन
रक्षा मंत्रालय के हवाले से उन्होंने जोर दिया कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में नए समीकरण बन रहे हैं और समुद्री गतिविधियां बढ़ रही हैं। सिंह के अनुसार, रक्षा क्षेत्र में स्वावलंबन ही अनिश्चितता के दौर में भारत को एक सुदृढ़ शक्ति के रूप में स्थापित करेगा। सरकार का संकल्प है कि हर क्षेत्र में भारत विदेशी निर्भरता को समाप्त कर अपने ‘मैरीटाइम गौरव’ को पुनः प्राप्त करे।
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