
Rajnath Singh: देशभर में दीपोत्सव का उल्लास चरम पर है, वहीं सीमा पर देश की सुरक्षा में तैनात प्रहरियों के साथ इस पर्व को मनाने की परंपरा को निभाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिवाली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग स्थित बागडोगरा एयरफील्ड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना और वायुसेना के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया, उन्हें मिठाइयां बांटीं और जवानों के साथ इस पावन पर्व की खुशियां साझा कीं।
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सैनिकों के त्याग और समर्पण को किया नमन

इस अवसर पर सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने उनके अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण की जमकर सराहना की। जवानों के त्याग को याद करते हुए उन्होंने कहा कि त्योहार के इस पावन अवसर पर हर व्यक्ति को अपने घर और परिवार की याद आती है। इन भावनाओं और यादों को अपने सीने में समेटकर जो सैनिक देशवासियों की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं, उनके इस त्याग को शब्दों में बयां करना असंभव है। रक्षा मंत्री ने कहा कि देशवासियों की सुरक्षित नींद और चैन के पीछे इन प्रहरियों की कड़ी तपस्या और पहरा है, जिसका पूरा देश अभिनंदन करता है। इस दौरान एक वायुसेना के जवान ने रक्षा मंत्री की मौजूदगी में एक देशभक्ति गीत भी प्रस्तुत किया, जिसने माहौल को और अधिक ऊर्जस्वित कर दिया।
अग्निवीरों के लिए बड़ा तोहफा: सेवा विस्तार की घोषणा

दौरे के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ योजना को लेकर एक अहम घोषणा की, जिसे उन्होंने देश के अग्निवीरों के लिए दिवाली का बहुत बड़ा तोहफा करार दिया। सरकार के नए निर्णयों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी व्यक्तिगत इच्छा और पात्रता के आधार पर दो साल का एक अतिरिक्त कार्यकाल प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इससे इन युवाओं को राष्ट्र की सेवा करने का और अधिक अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही, निर्धारित मानदंडों और योग्यताओं को पूरा करने वाले अग्निवीरों को आगे चलकर नियमित सैनिक के रूप में भी सेना में स्थाई रूप से शामिल होने का अवसर प्राप्त होगा। रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल युवाओं के भविष्य को और अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
वायुसेना प्रमुख आशुतोष दीक्षित को बधाई और दुश्मनों को चेतावनी

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना के प्रमुख का पदभार संभालने पर हार्दिक बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने एयर चीफ मार्शल के नाम और उनके व्यक्तित्व का अनूठा उदाहरण देते हुए कहा कि ‘आशुतोष’ भगवान शिव का ही एक नाम है।
भगवान शिव की विशेषताओं का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वभाव से अत्यंत सौम्य, सरल और शांत हैं, परंतु आवश्यकता पड़ने पर वे अत्यंत रौद्र रूप भी धारण कर सकते हैं। इसी संदर्भ में कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि दुश्मनों के हित में यही बेहतर है कि उन्हें कभी भी एयर चीफ मार्शल दीक्षित का वह रौद्र रूप देखने की नौबत न आए। रक्षा मंत्री के इस स्पष्ट संदेश से देश के दुश्मनों को यह साफ जता दिया गया कि भारतीय वायुसेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम और सतर्क है।
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