West Asia Conflict: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे निगरानी और सुनियोजित प्रतिक्रिया पर जोर दिया है।रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।उन्होंने बताया कि मंत्री समूह को पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराया गया।
मिडिल ईस्ट संकट पर मंत्री समूह की बैठक
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री को सचिवों के सात अधिकार प्राप्त समूहों ने स्थिति से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी जानकारी दी।रक्षा मंत्रालय ने कहा कि,इन उपायों से कपड़ा, पैकेजिंग और फार्मास्यूटिकल्स सहित अन्य क्षेत्रों पर लागत का दबाव कम होगा और देश में आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित होगी साथ ही निवेश करने के इच्छुक लोगों को आवश्यक स्पष्टता मिलेगी।
सरकार द्वारा उठाए कदमों पर विचार-विमर्श
मंत्री समूह को बताया गया कि एल.पी.जी.वितरकों के यहां आपूर्ति समाप्त होने की कोई खबर नहीं है तथा घरेलू एलपीजी की किल्लत जैसी कोई स्थिति नहीं है। बैठक में संघर्ष से उत्पन्न किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में दी गई जानकारी
इस मंत्री समूह का गठन पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर नजर रखने के लिए किया गया है।जिसमें सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव,विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर,स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी,ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह बैठक में उपस्थित थे।










