Rajasthan News: साध्वी प्रेम बाईसा के निधन पर उठा विवाद, सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई मुश्किलें

जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत से सनसनी मच गई। अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मौत की पुष्टि हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 30, 2026

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Rajasthan News: राजस्थान में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अब सिर्फ एक हादसा नहीं रही, बल्कि एक रहस्यमय कहानी बन गई है। शुक्रवार को उनके पैतृक गांव स्थित आश्रम में उन्हें संत परंपरा के अनुसार समाधि दी गई, लेकिन मौत के पीछे की परिस्थितियों को लेकर सवाल अभी भी बरकरार हैं। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा, आत्महत्या या हत्या का षड्यंत्र था।

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जानें पूरी घटना

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साध्वी प्रेम बाईसा के निधन पर उठा विवाद

29 जनवरी, बुधवार को जोधपुर के आरती नगर इलाके से साध्वी प्रेम बाईसा को ब्रॉन डेड हालत में प्रेक्षा अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव आश्रम लौटाया गया, लेकिन यहीं से मामले में सस्पेंस की शुरुआत हुई। मृत्यु के करीब चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई। पोस्ट में लिखा था, “सनातन… अग्नि परीक्षा… और न्याय।”

यह सवाल उठता है कि जब साध्वी की मौत हो चुकी थी, तब यह पोस्ट किसने की? क्या यह उनके द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट था या किसी और ने पोस्ट किया? उनके मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच अब जरूरी हो गई है।

इंजेक्शन और आश्रम में उठे सवाल

साध्वी के पिता और गुरु वीरमनाथ का दावा है कि उनकी तबीयत बिगड़ने पर एक प्राइवेट कम्पाउंडर ने डेक्सोना इंजेक्शन लगाया। दावा यह भी है कि केवल 5 मिनट में उनकी मौत हो गई। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या डोज सही था या इंजेक्शन में कुछ और मिला हुआ था। पुलिस ने कम्पाउंडर को हिरासत में लिया और इंजेक्शन के खोल जब्त कर आश्रम को सील कर दिया।

सीसीटीवी कैमरों को हटाए जाने का आरोप

भक्तों का आरोप है कि आश्रम से सीसीटीवी कैमरे हटाए गए। यह सवाल खड़ा करता है कि अगर सब कुछ सामान्य था तो कैमरे क्यों हटाए गए। भक्तों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी। कांग्रेस ने इस मामले में CBI या हाई लेवल कमेटी से जांच की मांग की है।

पुलिस और सरकार की भूमिका

राजस्थान सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सीबीआई जांच का कोई फैसला नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही आगे कार्रवाई तय होगी। राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और हर पहलू की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा समाज और भक्तों के लिए सम्मानित साध्वी थीं और आस्था स्वाभाविक है।

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