Railway Safety : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को रेल भवन में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलवे के विभिन्न सुरक्षा पहलुओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और रखरखाव से जुड़ी कमियों पर विस्तार से चर्चा हुई। रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा से जुड़ी किसी भी कमी को नजरअंदाज न किया जाए और आवश्यक सुधारों को मिशन मोड में पूरा किया जाए। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
सिग्नलिंग सिस्टम की तकनीकी खामियां जल्द दूर करने के निर्देश
बैठक के दौरान सिग्नलिंग व्यवस्था की तकनीकी कमियों की समीक्षा की गई। अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा से संबंधित किसी भी तकनीकी खामी को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने ऐसी कमियों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुराने OHE कंपोनेंट्स को समय पर बदलने पर जोर
ओवरहेड इक्विपमेंट यानी OHE की स्थिति की भी बैठक में समीक्षा की गई। रेल मंत्री ने उन स्थानों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां उपकरण या उनके कंपोनेंट्स निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं। उन्होंने समय पर रखरखाव के साथ जरूरत के अनुसार पुराने और खराब कंपोनेंट्स को बदलने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
कोचों की फायर सेफ्टी व्यवस्था को बनाया जाए बेहतर
रेल मंत्री ने यात्री कोचों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से फायर सेफ्टी से जुड़े इलेक्ट्रिकल सर्किट और वायरिंग की नियमित जांच पर जोर दिया। वर्कशॉप में मेंटेनेंस की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी उपकरण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कपलर और पहियों के रखरखाव की नियमित जांच जरूरी
बैठक में वैगन और कोच के कपलर तथा पहियों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन महत्वपूर्ण हिस्सों का निरीक्षण और रखरखाव निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार किया जाए। उन्होंने नियमित जांच के जरिए संभावित तकनीकी समस्याओं की समय रहते पहचान करने पर भी जोर दिया।
ट्रैक, पॉइंट मशीन और फास्टनर की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
ट्रैक सुरक्षा की समीक्षा के दौरान पॉइंट मशीन, टर्नआउट और फास्टनर के रखरखाव को लेकर भी निर्देश दिए गए। रेल मंत्री ने कहा कि जहां कहीं फास्टनर की कमी है, वहां उन्हें तत्काल लगाने की व्यवस्था की जाए। ट्रैक से जुड़े सभी महत्वपूर्ण हिस्सों की नियमित निगरानी और समयबद्ध रखरखाव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
घटिया सामग्री की आपूर्ति करने वालों पर होगी सख्ती
बैठक में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति के मामलों को भी गंभीरता से लिया गया। रेल मंत्री ने निर्देश दिया कि सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन (S&T), OHE, ट्रैक, कोच और वैगन से संबंधित किसी भी सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित सप्लायर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
जानबूझकर लापरवाही पर सप्लायर स्थायी रूप से होंगे ब्लैकलिस्ट
अश्विनी वैष्णव ने जानबूझकर की गई लापरवाही के मामलों में कठोर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि रेलवे की सुरक्षा से समझौता करने वाले और जानबूझकर लापरवाही बरतने वाले सप्लायरों को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर प्रभावी रोक लगाना है।
त्योहारों और मेलों में भीड़ प्रबंधन की पहले से तैयारी
रेल मंत्री ने आगामी त्योहारों और मेलों के दौरान बढ़ने वाली यात्री भीड़ को देखते हुए अग्रिम तैयारियों पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को जिला और राज्य प्रशासन के साथ समन्वय कर ऐसे स्थानों की पहले से पहचान करने के निर्देश दिए, जहां अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। इन स्थानों पर यात्री सुविधाएं और जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते उपलब्ध कराने को कहा गया।
रेलवे बोर्ड और जोनल अधिकारियों ने लिया हिस्सा
सुरक्षा समीक्षा बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बोर्ड के सदस्य, जोनल रेलवे के महाप्रबंधक, महानिदेशक और मंडल रेल प्रबंधक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, तकनीकी खामियों को दूर करने और रखरखाव की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
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