चाइना डोर बनी जानलेवा, लड़की की गर्दन पर 10 इंच लंबा और गहरा घाव

लुधियाना. प्रशासनिक पाबंदी और तमाम दावों के बावजूद इंसानी जिंदगियों के लिए काल बनी 'चाइना डोर' की अवैध बिक्री और उपयोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमलापुरी इलाके में स्थित व्यस्त क्वालिटी चौक के नजदीक एक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां काम खत्म कर घर लौट रही 22 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर युवती के गले में अचानक चाइना डोर उलझ गई। तेज धार वाली इस खूनी डोर से युवती की गर्दन पर करीब 10 इंच लंबा और आधा इंच गहरा कट लग गया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। राहगीरों की तत्परता से

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Published On :

सितम्बर 3, 2026

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लुधियाना.

प्रशासनिक पाबंदी और तमाम दावों के बावजूद इंसानी जिंदगियों के लिए काल बनी 'चाइना डोर' की अवैध बिक्री और उपयोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमलापुरी इलाके में स्थित व्यस्त क्वालिटी चौक के नजदीक एक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां काम खत्म कर घर लौट रही 22 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर युवती के गले में अचानक चाइना डोर उलझ गई।

तेज धार वाली इस खूनी डोर से युवती की गर्दन पर करीब 10 इंच लंबा और आधा इंच गहरा कट लग गया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। राहगीरों की तत्परता से युवती को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने समय रहते इलाज कर उसकी जान बचा ली। जानकारी देते हुए मुस्कान (22) ने सिविल अस्पताल में खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया कि वह एक निजी दफ्तर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। बुधवार शाम को वह अपना रोजाना का काम खत्म कर घर लौट रही थी। जैसे ही वह शिमलापुरी के क्वालिटी चौक के पास पहुंची, रास्ते में हवा में लटकती हुई चाइना डोर अचानक उसके गले में आ फंसी।मुस्कान ने बताया कि इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती या हाथ से डोर को हटाने का प्रयास करती, धारदार डोर ने उसकी गर्दन को चीर दिया। गर्दन कटते ही खून का फव्वारा फूट पड़ा और वह दर्द से चीख उठी।

सड़क पर युवती को लहूलुहान हालत में तड़पता देख आसपास मौजूद राहगीरों और दुकानदारों ने तुरंत इंसानियत दिखाते हुए उसे संभाला और बिना देर किए सिविल अस्पताल पहुंचाया। आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने तुरंत खून का बहाव रोकते हुए जख्म पर टांके लगाए और मरहम-पट्टी की। डॉक्टरों के मुताबिक, गनीमत यह रही कि डोर सांस की नली या मुख्य नस (कैरोटिड आर्टरी) तक नहीं पहुंची, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया।

प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवती को घर भेजते हुए मुकम्मल आराम की सलाह दी है। इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक बार फिर शहर में पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रशासन कागजों में भले ही चाइना डोर की बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध के दावे करता रहे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि महानगर के कई अंदरूनी इलाकों में यह जानलेवा डोर बेखौफ होकर बेची और उड़ाई जा रही है।

'राहगीरों के लिए मौत का फंदा बनी डोर, तुरंत लगे पूर्ण रोक'
हादसे के बाद गहरा सदमा झेल रही मुस्कान ने कड़ा रोष जाहिर करते हुए कहा कि सड़कों पर चलने वाले बेकसूर राहगीरों के लिए यह डोर साक्षात मौत का फंदा बन चुकी है। उसने जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नर से हाथ जोड़कर अपील की है कि चाइना डोर बेचने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सिर्फ औपचारिकता न की जाए, बल्कि कड़े गैर-जमानती मुकदमों के तहत ठोस कार्रवाई कर खूनी कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि अन्य बेकसूर की जिंदगी इस तरह दांव पर न लगे। 

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