Tejas Fighter Jet: HAL को मिले 3 और F404 इंजन, तेजस प्रोडक्शन में आएगी नई रफ्तार

Tejas Fighter Jet: स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A के प्रोडक्शन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। GE Aerospace ने HAL को तीन और F404-IN20 इंजन दिए हैं। इंजन सप्लाई में देरी से तेजस कार्यक्रम प्रभावित हुआ था। अब नई खेप मिलने के बाद उत्पादन और डिलीवरी की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।

Tejas Fighter Jet

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 3, 2026

Tejas Fighter Jet: भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने वाले स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के उत्पादन को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। अमेरिकी रक्षा कंपनी GE Aerospace ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को LCA Tejas Mk1A कार्यक्रम के लिए तीन और F404-IN20 इंजन की आपूर्ति की है। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि अगस्त 2026 के दौरान तीन इंजनों की डिलीवरी HAL को की गई। यह आपूर्ति ऐसे समय हुई है, जब तेजस एमके1ए के उत्पादन और डिलीवरी की प्रक्रिया इंजन की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।

भारतीय लड़ाकू विमानों को ताकत देने पर GE ने जताया भरोसा

GE Aerospace ने कहा कि उसे भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमानों को शक्ति प्रदान करने के लिए HAL और भारतीय वायुसेना के साथ साझेदारी करने पर गर्व है। F404-IN20 इंजन तेजस एमके1ए कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण घटक है। इसकी नियमित आपूर्ति से विमान निर्माण की प्रक्रिया को गति देने में मदद मिल सकती है। तेजस भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।

इंजन की देरी से प्रभावित हुआ तेजस एमके1ए कार्यक्रम

तेजस एमके1ए के लिए F404 इंजनों की आपूर्ति में पहले देरी हुई है। इसके कारण HAL की उत्पादन और विमान डिलीवरी योजनाओं पर भी असर पड़ा। HAL के पूर्व चेयरमैन डीके सुनील ने अप्रैल में समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया था कि GE Aerospace ने वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में 20 F404 इंजन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। यह आपूर्ति जून से दिसंबर के बीच किए जाने की बात कही गई थी।

HAL के पास पहले से मौजूद थे पांच इंजन

डीके सुनील के अनुसार, उस समय HAL के पास पांच इंजन उपलब्ध थे, जबकि छठा इंजन भी तैयार हो चुका था और जल्द मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने बताया था कि GE Aerospace ने 2026 की दूसरी छमाही में 20 इंजन देने का आश्वासन दिया था। उनके मुताबिक, यह संख्या GE की ओर से दिया गया एक निराशावादी अनुमान था और कंपनी इससे बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही थी। अब अगस्त में तीन अतिरिक्त इंजनों की डिलीवरी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।

तेजस उत्पादन के लिए इंजन उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती

तेजस विमानों के निर्माण और उनकी समय पर डिलीवरी के लिए इंजन की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। HAL की उत्पादन लाइन तैयार है, लेकिन विमान निर्माण और डिलीवरी की गति काफी हद तक GE Aerospace से मिलने वाले F404 इंजनों पर निर्भर करती है। इसलिए इंजन की आपूर्ति में नियमितता तेजस एमके1ए कार्यक्रम की गति बनाए रखने के लिए जरूरी है।

इंजन आपूर्ति में देरी पर HAL ने लगाया जुर्माना

F404 इंजनों की आपूर्ति में हुई देरी को लेकर HAL ने GE Aerospace पर अनुबंध के प्रावधानों के तहत जुर्माना भी लगाया है। इससे स्पष्ट है कि इंजन की समय पर आपूर्ति तेजस कार्यक्रम के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। विमान निर्माण से जुड़े अन्य सभी प्रमुख संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद इंजन की कमी उत्पादन और डिलीवरी की समयसीमा को प्रभावित कर सकती है।

स्वदेशी तेजस से वायुसेना की क्षमता बढ़ाने की तैयारी

LCA Tejas Mk1A भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। स्वदेशी लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ने से वायुसेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह भारत के घरेलू रक्षा उद्योग और स्वदेशी विमान निर्माण क्षमता के विस्तार को भी गति देता है। ऐसे में GE Aerospace की ओर से F404 इंजनों की लगातार डिलीवरी तेजस कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आगे की डिलीवरी पर टिकी तेजस उत्पादन की रफ्तार

अगस्त 2026 में तीन F404-IN20 इंजनों की डिलीवरी के बाद अब आगे की आपूर्ति पर नजर रहेगी। यदि तय योजना के अनुसार इंजन उपलब्ध होते हैं, तो HAL तेजस एमके1ए के उत्पादन और डिलीवरी की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकता है। भारतीय वायुसेना के लिए तेजस की समय पर उपलब्धता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिहाज से इंजन आपूर्ति की निरंतरता अहम बनी हुई है।

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