MP में रेल विकास को रफ्तार, उज्जैन बाइपास सहित कई योजनाएं स्वीकृत

भोपाल मध्य प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय रेलवे ने राज्य में कई महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं से न केवल ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि माल ढुलाई, क्षेत्रीय संपर्क और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। उज्जैन बाइपास रेलवे लाइन को मंजूरी भारतीय रेलवे के अंतर्गत पश्चिमी रेलवे ने नईखेरी-चिंतामन गणेश को जोड़ने वाली 8.60 किलोमीटर लंबी उज्जैन बाईपास रेलवे लाइन को 189.04 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी है। यह परियोजना विशेष रूप से

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Published On :

फ़रवरी 13, 2026

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भोपाल

मध्य प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय रेलवे ने राज्य में कई महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं से न केवल ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि माल ढुलाई, क्षेत्रीय संपर्क और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
उज्जैन बाइपास रेलवे लाइन को मंजूरी

भारतीय रेलवे के अंतर्गत पश्चिमी रेलवे ने नईखेरी-चिंतामन गणेश को जोड़ने वाली 8.60 किलोमीटर लंबी उज्जैन बाईपास रेलवे लाइन को 189.04 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी है। यह परियोजना विशेष रूप से उज्जैन जंक्शन पर ट्रेनों के रिवर्सल की समस्या को समाप्त करेगी। अभी कई ट्रेनों को दिशा बदलने के लिए उज्जैन स्टेशन पर रुककर रिवर्सल करना पड़ता है, जिससे समय और परिचालन क्षमता दोनों प्रभावित होते हैं। बाईपास लाइन बनने से यह प्रक्रिया खत्म होगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।

सिंहस्थ 2028 और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

यह परियोजना वर्ष 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के दौरान बेहतर रेल प्रबंधन और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होता है। बायपास लाइन बनने से तीर्थयात्रियों को सीधे और तेज रेल संपर्क मिलेगा। साथ ही महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच और सुगम होगी।

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क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से मालगाड़ियों की आवाजाही भी अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

यात्रा समय में कमी, समयपालन में सुधार और भीड़भाड़ में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। 

इन स्वीकृतियों को मध्य प्रदेश के रेल ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है 

बेहतर संपर्क और विश्वसनीय सेवा से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।

 

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