Raigad Accident News: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। महाबलेश्वर और पोलादपुर के बीच स्थित खतरनाक अम्बेनाली घाट में सोमवार (25 मई) को एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में गाड़ी में सवार सभी 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि सभी मृतक सतारा जिले के रहने वाले थे और कोंकण इलाके से अपने घर लौट रहे थे। इस भीषण हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है।
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700-800 फीट गहरी खाई में समाई गाड़ी
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना सोमवार दोपहर करीब 2:45 बजे की है। स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार सभी लोग कोरेगांव तालुका के आसगांव के रहने वाले पर्यटक थे। अम्बेनाली घाट पार करते समय अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे खाई में जा गिरी।
बचाव कार्य में मुश्किलें
घटना की सूचना मिलते ही पोलादपुर पुलिस प्रशासन, महाबलेश्वर ट्रैकर्स, प्रतापगढ़ रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। चूंकि खाई करीब 700 से 800 फीट गहरी और बेहद दुर्गम है, इसलिए रेस्क्यू टीम को शुरुआत में शवों को ढूंढने के लिए दूरबीन का सहारा लेना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद टीम इतनी गहराई तक नीचे उतर सकी।
शवों को निकालने और शिनाख्त का काम जारी
गहरी खाई और घने पत्थरों के बीच रेस्क्यू टीम बेहद सावधानी से काम कर रही है। अब तक मिली रिपोर्ट के अनुसार, मलबे से दो शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि बाकी शवों को ढूँढने और उन्हें ऊपर लाने का प्रयास लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, खाई की गहराई को देखते हुए सभी शवों को बाहर निकालने में अभी और समय लग सकता है। शवों को निकालने के साथ-साथ उनकी पहचान (शिनाख्त) करने की प्रक्रिया भी पुलिस द्वारा की जा रही है।
हादसे के कारणों पर सस्पेंस
इस भीषण कार दुर्घटना की असल वजह क्या थी—क्या गाड़ी की रफ्तार तेज थी, कोई तकनीकी खराबी आई या फिर मोड़ पर जजमेंट की कमी रही—इस बारे में अभी तक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
2018 के बस हादसे की यादें ताजा
इस दर्दनाक एक्सीडेंट ने एक बार फिर अम्बेनाली घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, साल 2018 में भी ठीक इसी जगह पर एक भीषण बस दुर्घटना हुई थी, जिसमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और खतरनाक मोड़ों पर लगातार हो रहे हादसों के कारण अब स्थानीय प्रशासन और पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग के दावों पर फिर से उंगलियां उठने लगी हैं। फिलहाल, पूरा असगांव और कोरेगांव इलाका इस घटना के बाद से गहरे शोक में डूबा हुआ है।
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