Tamil Nadu Election: ‘BJP ने मणिपुर को आग में झोंका’, राहुल गांधी का तमिलनाडु में चुनावी हुंकार; RSS और AIADMK पर भी साधा निशाना

तमिलनाडु में मतदान से ठीक दो दिन पहले राहुल गांधी ने चुनावी रैली में भाजपा और आरएसएस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए भाजपा को 'आग लगाने वाली' पार्टी बताया। राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा क्षेत्रीय संस्कृतियों को खत्म कर आरएसएस की विचारधारा थोपना चाहती है। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग भी दोहराई।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 20, 2026

Tamil Nadu Election: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में अब महज 48 घंटे शेष हैं, और इस बीच राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को राज्य में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। राहुल गांधी ने विशेष रूप से मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों ने एक पूरे राज्य को ‘आग में झोंक’ दिया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे देश की विविधता और राज्यों की स्वायत्तता की रक्षा के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को मजबूत करें।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और नफरत की राजनीति

बताते चले कि, राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न आज देश की सबसे बड़ी चिंता बन गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति भय पर आधारित है, जिसके कारण आज ईसाई, मुस्लिम और सिख समुदाय के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा और नफरत के खिलाफ संदेश का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस एक ऐसे सामंजस्यपूर्ण भारत का निर्माण करना चाहती है जहां प्रेम और भाईचारा सर्वोपरि हो। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा और आरएसएस की विभाजनकारी सोच देश के लोकतांत्रिक ताने-बने को नष्ट कर रही है।

क्षेत्रीय अस्मिता और तमिलनाडु की सांस्कृतिक पहचान पर हमला

क्षेत्रीय राजनीति पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संघवाद की रक्षा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नियंत्रण आज आमने-सामने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चाहती है कि तमिलनाडु सहित सभी राज्य नागपुर स्थित एक राजनीतिक संगठन के निर्देशों पर चलें। राहुल ने अन्नाद्रमुक का पतन और क्षेत्रीय पार्टियों के साथ समझौता पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज की AIADMK वह पुरानी गौरवशाली पार्टी नहीं रही, क्योंकि इसके वर्तमान नेतृत्व ने भाजपा के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने तमिल जनता से अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

महिला आरक्षण विधेयक पर सवाल

महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की मंशा पर संदेह जताया। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक 2023 और चुनावी मानचित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इसे केवल कागजों तक सीमित रखा है। राहुल ने पूछा कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, तो नारी शक्ति वंदन अधिनियम का तत्काल क्रियान्वयन क्यों नहीं किया जा रहा? उन्होंने मांग की कि 10 साल का इंतजार करने के बजाय इसे 2026 से ही लागू किया जाए, और आश्वासन दिया कि इस नेक काम में पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा रहेगा।

समानता और न्याय का संकल्प

भाषण के समापन सत्र में राहुल गांधी ने दोहराया कि उनका मुकाबला केवल एक राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि एक ऐसी विचारधारा से है जो देश में असमानता फैलाना चाहती है। उन्होंने समानता, न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का वचन देते हुए कहा कि कांग्रेस नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने के अपने वादे पर अडिग है। मतदान से ठीक पहले राहुल के इस दौरे ने तमिलनाडु में चुनावी मुकाबले को और अधिक रोचक बना दिया है, जहाँ अब सीधा मुकाबला ‘दिल्ली की विचारधारा’ बनाम ‘तमिल अस्मिता’ के बीच देखा जा रहा है।