Rahul Gandhi Vs BJP: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए एक अत्यंत आक्रामक बयान ने देश की सियासत में जबरदस्त उबाल ला दिया है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक आंतरिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह के लिए ‘गद्दार’ जैसे अत्यंत कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का चीरहरण करार दिया है।
रायबरेली से राहुल गांधी का सीधा प्रहार
राहुल गांधी ने रायबरेली में पार्टी संगठन के कार्यकर्ताओं को चुनावी और वैचारिक मंत्र देते हुए कहा, “जब भी आरएसएस (RSS) के लोग आपके सामने आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तारीफों के पुल बांधें, तब आपको पूरी ताकत से उनके मुंह पर कहना होगा कि आपके देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और आपका पूरा संगठन ‘गद्दार’ हैं।” उन्होंने आगे बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन नेताओं ने पूरे देश को पूंजीपतियों के हाथों बेचने का काम किया है। राहुल गांधी के अनुसार, मौजूदा सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और महात्मा गांधी के मूल विचारों पर सीधा आत्मघाती हमला किया है, जिसे जनता के बीच खुलकर उजागर करने की आवश्यकता है।
कांग्रेस नेता ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और नीट पर केंद्र को घेरा
अपने तीखे संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने देश के मौजूदा सामाजिक और आर्थिक संकटों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के हालिया इटली दौरे पर भी करारा तंज कसा। उन्होंने युवाओं की बेबसी का जिक्र करते हुए कहा, “आज देश का नौजवान गहरे डिप्रेशन और अवसाद में है, क्योंकि नीट (NEET) जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और रद्द हो रहे हैं। पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं, घरेलू गैस सिलेंडर की पहुंच गरीबों से दूर हो रही है और बेकाबू महंगाई ने जनता की कमर तोड़ दी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस भीषण संकट के बीच देश के प्रधानमंत्री इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ हंस-हंसकर ‘मेलोडी’ टॉफी खा रहे हैं, जो देश की रीयल और जमीनी हकीकत से उनका भटकाव दिखाता है।
NDA का एकजुट पलटवार
राहुल गांधी के इस अभद्र और अमर्यादित बयान के सामने आते ही पूरी भाजपा और उसके सहयोगी दल आक्रामक हो गए हैं। लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस टिप्पणी की घोर निंदा करते हुए कहा, “देश के प्रधानमंत्री 140 करोड़ भारतीयों के संवैधानिक प्रतीक हैं। उनके खिलाफ ऐसी आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का उपयोग देश की लोकतांत्रिक और संसदीय परंपराओं के पूर्णतः खिलाफ है।” वहीं, भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन ने बेहद कड़े लहजे में पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के राजनीतिक वातावरण को दूषित करने वाले ‘राजनीति के राहु’ हैं, जो केवल देश को बदनाम करना जानते हैं।
OBC और गरीब विरोधी मानसिकता का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी के बयान को पिछड़े समाज के प्रति कांग्रेस की नफरत से जोड़ते हुए बड़ा हमला बोला। पूनावाला ने कहा, “चूंकि देश के प्रधानमंत्री एक अत्यंत पिछड़े (OBC) और गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए कांग्रेस का शाही परिवार उन्हें बार-बार नीचा दिखाने के लिए ऐसी गालियां देता है।” उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि गद्दारी की बात करने से पहले वे अपने खुद के परिवार का पुराना इतिहास देख लें। दूसरी तरफ, भाजपा सांसद भरत सिंह कुशवाह ने कहा कि वैश्विक युद्धों के इस दौर में प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षित हाथों में देश पूरी तरह महफूज है और राहुल गांधी की ऐसी बातों को देश की जनता कभी गंभीरता से नहीं लेती।
वैश्विक साख और ‘मेड इन इंडिया’ से नफरत
केंद्रीय मंत्रियों ने राहुल गांधी के इस बयान को सत्ता से बेदखल होने की छटपटाहट और हताशा का परिणाम बताया है। फायरब्रांड भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने कहा, “सत्ता न मिलने के कारण राहुल गांधी गहरे अवसाद में हैं, वे मोदी जी को नहीं बल्कि देश की तरक्की को गाली दे रहे हैं।” वहीं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस की आर्थिक सोच पर सवाल उठाते हुए पूछा, “आखिर राहुल गांधी को भारत की प्रगति और ‘मेड इन इंडिया’ (Made in India) ब्रांड से इतनी नफरत क्यों है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस वैश्विक सम्मान, भरोसे और रिकॉर्ड तोड़ विदेशी निवेश के लिए भारत दशकों से तरस रहा था, उसे पीएम मोदी ने अपनी कूटनीति से हासिल किया है, जिसे कांग्रेस पचा नहीं पा रही है।
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