Kerala Congress vs Left : राहुल गांधी पर केरल में मचा सियासी घमासान, केसी वेणुगोपाल ने लेफ्ट को दिया करारा जवाब

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले न लगाने के बयान पर लेफ्ट और कांग्रेस के बीच छिड़ी इस जुबानी जंग के पीछे का असली सियासी खेल क्या है? केसी वेणुगोपाल के इस पलटवार से विपक्षी गठबंधन में कौन सी दरार आ गई है? जानिए इस हाई-प्रोफाइल विवाद की पूरी इनसाइड स्टोरी!

Kerala Congress vs Left

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 14, 2026

Kerala Congress vs Left : हाल ही में भारतीय राजनीति में कांग्रेस और सीपीआई (एम) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी पर की गई वाम दल की आलोचना का कड़ा प्रतिवाद किया है। वेणुगोपाल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सीपीआई (एम) वर्तमान में ‘राजनीतिक हीन भावना’ का शिकार हो चुकी है। कांग्रेस नेता का मानना है कि वाम दल अपनी चुनावी हार के कारणों का आत्मचिंतन और समीक्षा करने के बजाय, राहुल गांधी को निशाना बनाकर अपनी हताशा जाहिर कर रहा है।

‘राजनीतिक हीन भावना’ का शिकार है CPI(M): वेणुगोपाल का बड़ा आरोप

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सीपीआई (एम) का अस्तित्व काफी हद तक कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर है। इसके बावजूद, वाम दल द्वारा राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाना केवल उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। कांग्रेस महासचिव ने फेसबुक पर जारी अपने बयान में इन टिप्पणियों को ‘हास्यास्पद’ करार देते हुए कहा कि जो नेता कभी राहुल गांधी की छवि का उपयोग कर राजनीतिक लाभ उठा चुके हैं, वे अब उन्हें ‘ईडी का एजेंट’ बताकर बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।

आईना तोड़ने जैसा है राहुल पर आरोप लगाना: वेणुगोपाल ने साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव ने एक तीखी उपमा का उपयोग करते हुए कहा कि सीपीआई (एम) का व्यवहार ठीक वैसा ही है जैसे कोई व्यक्ति अपना चेहरा खराब दिखने पर आईना ही तोड़ दे। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। वेणुगोपाल ने याद दिलाया कि राहुल गांधी स्वयं बीजेपी सरकार द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और वे खुद भी इस राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार रहे हैं।

लोकतंत्र और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर कांग्रेस ने स्पष्ट किया रुख

लोकतंत्र के सिद्धांतों पर बात करते हुए, वेणुगोपाल ने कहा कि लोकसभा में ‘नेता प्रतिपक्ष’ का पद सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी को ही मिलना चाहिए, जो कि संवैधानिक परंपरा के अनुरूप है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीआई (एम) अपनी खोती हुई राजनीतिक जमीन को स्वीकार नहीं कर पा रही है, इसलिए वे इस वास्तविकता को पचा नहीं पा रहे हैं कि राहुल गांधी प्रमुख विपक्षी नेता के रूप में उभर रहे हैं।

केरल में करारी हार से बौखलाया वाम दल, राहुल गांधी बने बहाना

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि केरल में मिली चुनावी हार से वाम दल पूरी तरह बौखला गया है। उनका कहना है कि अपनी गलतियों और जमीनी हकीकत का सामना करने के बजाय, सीपीआई (एम) राहुल गांधी को बलि का बकरा बना रही है। वेणुगोपाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वाम दल का यही नकारात्मक रवैया जारी रहा, तो भविष्य में उन्हें और भी बड़ी चुनावी हार का सामना करना पड़ेगा।

INDIA गठबंधन का उद्देश्य और एम. ए. बेबी के विवादित बयानों की हकीकत

केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि INDIA गठबंधन का गठन देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के उद्देश्य से किया गया था, ताकि बीजेपी की तानाशाही प्रवृत्तियों को रोका जा सके। उन्होंने पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी को याद करते हुए कहा कि वे इस व्यापक राजनीतिक उद्देश्य को समझते थे। वहीं, सीपीआई (एम) नेता एम. ए. बेबी द्वारा राहुल गांधी को ‘मोदी सरकार का सहयोगी’ बताना एक गंभीर आरोप है, जिसका कांग्रेस ने पुरजोर खंडन किया है। बेबी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी केरल के सीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस का कहना है कि यह विपक्षी एकता को कमजोर करने का प्रयास है।

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