Students Protest: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 8 अगस्त को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने 9 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम से जुड़ी एक पोस्ट शेयर करते हुए छात्रों की समस्याओं और उनके भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
प्रयागराज छात्र कार्यक्रम में युवक ने राहुल गांधी से क्या कहा?
बताते चले कि, राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में एक छात्र से हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि प्रयागराज में एक छात्र ने उनसे कहा, “अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा।” राहुल गांधी के मुताबिक, इस छात्र ने वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी की तैयारी की, परिवार ने उसकी पढ़ाई और तैयारी के लिए जमीन तक बेच दी और माता-पिता पर कर्ज भी बढ़ गया, लेकिन इसके बावजूद उसके हाथ कुछ नहीं आया।
राहुल गांधी ने कहा कि इस छात्र की स्थिति को केवल उसकी व्यक्तिगत हार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यह उस व्यवस्था की विफलता है जो मेहनत करने वाले युवाओं को उनकी मेहनत का उचित परिणाम देने में असफल रही है।
राहुल गांधी ने अमित शाह की चुप्पी पर उठाए सवाल
आपकी जानकरी के लिए बता दे कि, राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि घटना को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन गृह मंत्री की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को माफी मांगने के बजाय अलग तरीके से प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने अमित शाह को टैग करते हुए जवाबदेही की मांग दोहराई और कहा कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
“अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा” – कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की ज़मीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं।
यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।
तेरह दिन हो गए – गृह…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 9, 2026
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का बड़ा आरोप
कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में राजधानी की सड़कों पर छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए, लेकिन इस पर गृह मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करने की मांग आज नहीं तो कल जरूर उठेगी। राहुल गांधी ने छात्रों को देश की ताकत बताते हुए कहा कि वह पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़े हैं।
प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों को संबोधन
इससे एक दिन पहले, यानी 8 अगस्त को राहुल गांधी ने प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान युवाओं को संबोधित किया था। अपने भाषण में उन्होंने प्रयागराज और इलाहाबाद के शैक्षणिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय इलाहाबाद देश की बेहतरीन यूनिवर्सिटी के लिए जाना जाता था। राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि वह उनके बीच दर्द, डेटा और दौलत जैसे मुद्दों पर बात करने आए हैं। उन्होंने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया और कहा कि दुनिया में भारत के युवाओं की क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी ने रोजगार और युवाओं के भविष्य पर रखी बात
प्रयागराज छात्र कार्यक्रम में राहुल गांधी ने रोजगार से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि देश में हर 1,000 युवाओं में से केवल 12 को स्थायी नौकरी मिलती है। उन्होंने युवाओं की समस्याओं, रोजगार के अवसरों और भविष्य को लेकर उनकी सोच पर भी विस्तार से बात की। राहुल गांधी ने छात्रों के सामने यह सवाल भी रखा कि देश की युवा शक्ति को किस तरह बेहतर अवसर और रोजगार उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उन्होंने डेटा और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों को भी युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
प्रयागराज से दिल्ली तक छात्र मुद्दे पर सियासत तेज
राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे और उसके बाद किए गए सोशल मीडिया पोस्ट से छात्र, रोजगार और कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक ओर राहुल गांधी सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं उनके बयान आने वाले दिनों में छात्र राजनीति और रोजगार के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकते हैं।










