Rahul Gandhi: नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में विपक्षी दलों की एकजुटता और अधिक तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी गुरुवार को 120 विपक्षी सांसदों के एक बड़े दल के साथ ऐतिहासिक ‘गांधी स्मृति’ परिसर पहुंचे। तीस जनवरी मार्ग स्थित यह वही पवित्र और ऐतिहासिक स्थल है जहां 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या की गई थी और इसे बापू के जीवन व विचारों के स्मारक के रूप में संरक्षित किया गया है। यहां पहुंचकर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने बापू को नमन किया और कुछ समय वहां बिताकर देश के मौजूदा हालातों पर चिंता व्यक्त की।
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“देश में लोकतंत्र की हत्या कर रही है मोदी सरकार” – राहुल गांधी
गांधी स्मृति परिसर में मीडिया और पार्टी के नेताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या इसी पवित्र भूमि पर की गई थी, और आज ठीक उसी तरह मोदी सरकार देश के भीतर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे मासूम छात्रों पर क्रूरता की जा रही है और उन्हें सड़कों पर बेरहमी से पीटा जा रहा है। राहुल गांधी ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया कि विपक्षी दल सरकार के इस दमनकारी रवैये को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने दो प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत उनके पद से हटाया जाए और प्रधानमंत्री को पेपर लीक तथा छात्रों पर हुए पुलिसिया एक्शन के लिए देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।
इंडिया गेट का रास्ता रोके जाने के बाद तीस जनवरी मार्ग की ओर बढ़े सांसद
इससे पहले गुरुवार शाम को राहुल गांधी के आवास पर ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं की एक अति-महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद सभी 120 सांसद एक बस में सवार होकर प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। विपक्षी नेताओं की बस जैसे ही आगे बढ़ी, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए रास्ते में बैरिकेड्स और अन्य बसें लगाकर उनका मार्ग रोक दिया। लगभग 10 मिनट तक चले इस गतिरोध के बाद प्रशासन ने रास्ता खोला।
राहुल गांधी ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि देश के छात्र सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए विपक्ष के सभी सांसदों को लगा कि इस मुश्किल समय में उन्हें भी छात्रों के साथ सड़कों पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी सांसद शांतिपूर्ण तरीके से इंडिया गेट जाकर छात्रों की आवाज बुलंद करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति जाने का निर्णय लिया। इस दौरान बस के भीतर खड़े राहुल गांधी ने देश के छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चाहे रास्ते रोके जाएं, लेकिन विपक्ष का हर एक नेता इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा है। वहीं, बस के रोके जाने के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी बस की ड्राइवर सीट के पास पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से बातचीत करती नजर आईं।
“जब तक न्याय नहीं मिलता, जारी रहेगा संघर्ष”
विपक्षी दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि नीट परीक्षा में धांधली के शिकार हुए और न्याय की गुहार लगा रहे छात्रों की आवाज को किसी भी हाल में दबाने नहीं दिया जाएगा। राहुल गांधी ने उन छात्रों के प्रति गहरी संवेदना जताई जिन्होंने इस व्यवस्था से तंग आकर आत्महत्या जैसे खौफनाक कदम उठाए या जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए। विपक्ष ने याद दिलाया कि इससे पहले 21 जुलाई को भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पीएम आवास तक मार्च निकाला गया था। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक छात्रों को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, उनका यह विरोध प्रदर्शन और संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
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