Jehanabad: बिहार में छात्र आंदोलन पर बवाल, जहानाबाद में पत्थरबाजी के बाद फायरिंग

बिहार के जहानाबाद में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर डीएम आवास पर पथराव करने का आरोप लगा है

Jehanabad

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 23, 2026

Jehanabad: बिहार में नीट-यूजी पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर पूरी तरह उग्र रूप ले चुका है। राजधानी पटना से लेकर जहानाबाद, बेगूसराय और मुंगेर तक विभिन्न छात्र संगठनों के बैनਰ तले हजारों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए हैं। जहानाबाद में छात्रों के इस आंदोलन के दौरान स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने जहानाबाद में डीएम आवास पर भी भारी पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

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बिहार के विभिन्न जिलों में उग्र प्रदर्शन

नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य के कई हिस्सों में कोहराम मचा हुआ है:

पटना: राजधानी पटना में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस ने उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए सख्ती बरती।

बेगूसराय: जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बेगूसराय में दोपहर करीब 1 बजे हजारों छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया।

मुंगेर: मुंगेर में भी छात्रों ने उग्र जुलूस निकाला, इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए कई बैनर और होर्डिंग भी फाड़ डाले।

विधानसभा में पक्ष-विपक्ष की नोंकझोंक और कार्यवाही स्थगित

सड़क पर चल रहे इस बवाल की गूंज बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन के भीतर भी साफ सुनाई दी। सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायक हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष का सीधा आरोप था कि मौजूदा सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा और तेज हो गया। सत्ता पक्ष के विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव ने बुधवार को पटना के डाकबंगला चौराहे पर अपनी गाड़ी पर हुए हमले का मुद्दा उठाया और बताया कि कैसे उपद्रवियों ने उनकी खड़ी गाड़ी को निशाना बनाया। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के बार-बार शांत कराने की अपील के बावजूद जब हंगामा नहीं थमा, तो सदन की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

सरकार का पलटवार

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में सबको आंदोलन का हक है, लेकिन पटना की घटनाएं कोई छात्र आंदोलन नहीं बल्कि राजनीतिक दलों द्वारा प्रायोजित उपद्रव थीं। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि आरजेडी और कांग्रेस के नेताओं के उकसावे में आकर यह हिंसा फैलाई गई है।

मंत्री ने चेतावनी दी कि पत्रकारों, पुलिसकर्मियों और जनप्रतिनिधियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि पढ़ने वाले छात्र हिंसा नहीं कर सकते, और उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा।

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