Budget 2026: “हकीकत से आंखें मूंद रही सरकार”, राहुल गांधी और खरगे ने बजट को बताया दिशाहीन

संसद में बजट पेश होते ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। "बिना नौकरी के युवा और संकट में किसान", राहुल ने बजट को 'हकीकत से दूर' बताया तो खरगे ने इसे 'नीतिगत खालीपन' करार दिया। क्या वाकई सरकार ने असली मुद्दों से मुंह मोड़ लिया है?

Budget 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 1, 2026

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना यूनियन बजट पेश किया, जिस पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मोदी सरकार के बजट पर सवाल उठाते हुए इसे असफल और जनता की वास्तविक समस्याओं से अनजान बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के असली संकटों को नजरअंदाज करता है।

राहुल गांधी का आरोप: निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं

राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के पास रोजगार नहीं है, मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की स्थिति खराब हो रही है, और निवेशक अपनी पूंजी बाहर निकाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घरों की बचत तेजी से घट रही है और किसान पहले से ज्यादा परेशान हैं। उनके मुताबिक, इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को इस बजट में नजरअंदाज किया गया है। राहुल गांधी ने इसे एक ऐसा बजट करार दिया है जो सुधार करने से इंकार करता है और भारत के असली संकटों से अनजान है।

खरगे ने भी बजट पर मोदी सरकार को घेरा

राहुल गांधी के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस बजट पर मोदी सरकार को निशाना बनाया। खरगे ने कहा कि मोदी सरकार के पास अब कोई ठोस योजना नहीं बची है। उनका कहना था कि यह बजट 2026 तक भारत की कई आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं का कोई समाधान नहीं देता है। उनके मुताबिक, यह बजट केवल खोखले वादों तक सीमित है, और इसमें किसी वास्तविक सुधार की झलक नहीं दिखाई देती है।

खरगे का आरोप: कोई पॉलिसी विजन नहीं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि मोदी सरकार का “मिशन मोड” अब केवल एक चुनौतीपूर्ण रास्ता बनकर रह गया है। उन्होंने कहा, “रिफॉर्म एक्सप्रेस शायद ही कभी किसी रिफॉर्म जंक्शन पर रुकेगी।” खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि बजट में न तो कोई ठोस पॉलिसी विजन है और न ही किसी प्रकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अन्नदाता किसान अभी भी सार्थक कल्याणकारी योजनाओं या आय सुरक्षा की उम्मीद में हैं, जो इस बजट में पूरी तरह से नदारद हैं।

अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के लिए कोई योजना नहीं

खरगे ने बजट की आलोचना करते हुए यह भी कहा कि असमानता अब ब्रिटिश काल के समय से भी अधिक बढ़ चुकी है, लेकिन इस बजट में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया। विशेष रूप से SC, ST, OBC, EWS और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कोई सहायता या योजनाएं नहीं दी गई हैं। उन्होंने इस पर भी सवाल उठाया कि वित्त आयोग की सिफारिशों के बावजूद राज्य सरकारों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिखती है, खासकर उन राज्यों के लिए जो गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं।

कांग्रेस का बयान: बजट से सुधारों की उम्मीद नहीं

कांग्रेस नेताओं ने इस बजट को एक असफल प्रयास करार दिया है, जिसमें ना तो देश के लंबे समय से चल रहे आर्थिक मुद्दों का समाधान है और ना ही समाज के कमजोर वर्गों के लिए कोई ठोस उपाय हैं। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बजट में जितनी बड़ी घोषणाएं की गई हैं, वे केवल वादों तक सीमित हैं, और इसमें कोई व्यावहारिक योजना या नीति का स्पष्ट संकेत नहीं मिलता।