Rahul Gandhi: गले नहीं लगाऊंगा… राहुल गांधी के बयान से INDIA ब्लॉक में हलचल

Rahul Gandhi: विपक्षी गठबंधन INDIA के भीतर मतभेद एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गए हैं। ऐसे में कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच संबंधों में तनाव बढ़ता दिख रहा है। लोकसभा सांसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उनके सहयोगी दलों की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। Tughlakabad Extension Fire: दिल्ली अग्निकांड पर चौंकाने वाला खुलासा, जानबूझकर लगाई गई थी आग राहुल गांधी का बयान बना विवाद की वजह विवाद की शुरुआत उस कथित ऑडियो से हुई जिसमें राहुल गांधी 8 जून की

राहुल गांधी के बयान से INDIA ब्लॉक में हलचल

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 14, 2026

Rahul Gandhi: विपक्षी गठबंधन INDIA के भीतर मतभेद एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गए हैं। ऐसे में कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच संबंधों में तनाव बढ़ता दिख रहा है। लोकसभा सांसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उनके सहयोगी दलों की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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राहुल गांधी का बयान बना विवाद की वजह

विवाद की शुरुआत उस कथित ऑडियो से हुई जिसमें राहुल गांधी 8 जून की INDIA गठबंधन बैठक के दौरान यह कहते सुने गए कि वे केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को गले नहीं लगाएंगे। राहुल गांधी के अनुसार, यह निर्णय राजनीतिक मतभेदों के कारण है। उन्होंने कहा कि पिनराई विजयन के साथ उनकी राजनीतिक लड़ाई जारी है, इसलिए वे उनसे औपचारिक रूप से गले नहीं मिल सकते। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

केरल की राजनीति और पुरानी प्रतिद्वंद्विता

केरल में कांग्रेस और सीपीएम लंबे समय से एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। दोनों दल राज्य की सत्ता के लिए लगातार संघर्ष करते आए हैं। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर दोनों पार्टियां INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और भाजपा के खिलाफ एक साझा मंच पर खड़ी हैं, लेकिन राज्य स्तर की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अक्सर उनके रिश्तों में तनाव पैदा करती है।

पिनराई विजयन की प्रतिक्रिया

इस विवाद पर केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके और राहुल गांधी के बीच गले मिलने की कोई परंपरा नहीं रही है और दोनों के बीच औपचारिक व्यवहार ही रहा है। विजयन ने यह भी कहा कि असली मुद्दा गले मिलने का नहीं बल्कि उस राजनीतिक संदेश का है जो इस बयान से जाता है। उन्होंने इसे INDIA गठबंधन की राजनीतिक सोच से जोड़कर देखा। उन्होंने 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी एक तस्वीर का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक शिष्टाचार अलग होता है और उसका गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।

वामपंथी नेताओं की आलोचना

सीपीएम के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीपीएम महासचिव एम.ए. बेबी ने कहा कि किसी ने राहुल गांधी से पिनराई विजयन को गले लगाने के लिए नहीं कहा था, लेकिन उन्हें राजनीतिक स्तर पर अनावश्यक आरोप लगाने से बचना चाहिए। सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने भी कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत व्यवहार का नहीं, बल्कि INDIA गठबंधन की राजनीतिक विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। सीपीएम नेता वृंदा करात ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीति गले मिलने या भावनात्मक gestures से नहीं चलती, बल्कि स्पष्ट वैचारिक समझ से चलती है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं का सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

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भाजपा का हमला

इस पूरे विवाद पर भाजपा ने INDIA गठबंधन पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह गठबंधन केवल राजनीतिक सुविधा पर आधारित है और इसमें वास्तविक एकता की कमी है। भाजपा ने दावा किया कि यह गठबंधन सिर्फ मंच साझा करने तक सीमित है, जबकि अंदरूनी स्तर पर गंभीर मतभेद मौजूद हैं।