Case Against Rahul Gandhi: राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ी! दोहरी नागरिकता मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का FIR दर्ज करने का बड़ा आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता के आरोपों की जांच के लिए FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। बीजेपी नेता विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। आरोप है कि राहुल गांधी के पास भारत के साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता है, जो भारतीय कानूनों का उल्लंघन है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 17, 2026

Case Against Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ कथित दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) के मामले में एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने निचली अदालत के पुराने फैसले को पलटते हुए आदेश दिया है कि इस मामले की गहन जांच के लिए एफआईआर दर्ज की जाए। इस आदेश के बाद अब राहुल गांधी की सांसदी और नागरिकता को लेकर नई कानूनी बहस छिड़ गई है।

ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द और जांच के निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि विपक्ष के नेता पर लगे आरोपों की सच्चाई जानना आवश्यक है। सुनवाई के दौरान अदालत ने निचली अदालत (Trial Court) के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसने पहले इस याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि मामले में सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाए और कानूनी जांच प्रक्रिया (Investigation) को आगे बढ़ाया जाए। न्यायमूर्ति ने टिप्पणी की कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर लगे ऐसे आरोप सार्वजनिक महत्व के हैं।

बीजेपी नेता ने उठाए सवाल

यह पूरा विवाद कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर एक याचिका से शुरू हुआ था। शिशिर ने ठोस दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि राहुल गांधी के पास भारत के साथ-साथ यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) की भी नागरिकता है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने विदेशी नागरिक होने की बात छिपाई है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 9 का उल्लंघन है, जिसके तहत भारत में दोहरी नागरिकता का कोई प्रावधान नहीं है।

गंभीर धाराओं के तहत दर्ज होगा मुकदमा

राहुल गांधी के खिलाफ केवल नागरिकता ही नहीं, बल्कि पासपोर्ट अधिनियम (Passport Act) और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के उल्लंघन के भी आरोप लगाए गए हैं। याचिका में मांग की गई है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ फॉरेनर्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाए। बीजेपी नेता का तर्क है कि यदि कोई सांसद एक साथ दो देशों के पासपोर्ट रखता है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून की दृष्टि से एक गंभीर अपराध है।

कानूनी लड़ाई में आया नया मोड़

इससे पहले यह मामला रायबरेली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (Special MP-MLA Court) में चल रहा था, जहाँ अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि, विग्नेश शिशिर ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब हाईकोर्ट द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद यह मामला कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य और उनकी लोकसभा सदस्यता पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।

विपक्ष की साख पर सवाल?

जैसे ही हाईकोर्ट का यह फैसला सामने आया, उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां सत्ता पक्ष इसे कानून की जीत बता रहा है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई करार दे रही है। हालांकि, कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियों की भूमिका अहम हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच का पहिया किस दिशा में घूमता है।