Rahul Gandhi Slams Modi Government: NEET विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला ‘धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करें पीएम मोदी’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने 22 लाख छात्रों के साथ धोखे का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत हटाने की मांग की है। वहीं एनटीए (NTA) ने अब 21 जून को दोबारा नीट परीक्षा कराने का फैसला किया है।

Rahul Gandhi Slams Modi Government

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 16, 2026

Rahul Gandhi Slams Modi Government: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कटघरे में खड़ा किया है। शनिवार को सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस नेता ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए और शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी और प्रधानमंत्री की जवाबदेही

बताते चले कि, राहुल गांधी ने NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर सीधे प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बेहद आक्रामक लहजे में लिखा कि देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, लेकिन सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग मौन हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा “NEET के 22 लाख बच्चों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। पर मोदी जी इस विषय पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी उनके पद से हटाइए, या फिर इस महाघोटाले की पूरी जवाबदेही प्रधानमंत्री खुद अपने ऊपर लें।”

उन्होंने अंग्रेजी में भी अपनी मांग दोहराते हुए लिखा, ‘Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW.’

‘यह आत्महत्या नहीं, भ्रष्ट तंत्र द्वारा की गई हत्या है’

इससे पहले शुक्रवार को भी राहुल गांधी ने परीक्षा रद्द होने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से आई छात्रों की आत्महत्या की खबरों को लेकर सरकार को घेरा था। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 21 वर्षीय छात्र ऋतिक मिश्रा और गोवा के एक अन्य परीक्षार्थी की कथित खुदकुशी का विशेष रूप से उल्लेख किया। कांग्रेस नेता ने भावुक और आक्रामक होते हुए कहा कि परीक्षा टलने और रद्द होने के मानसिक दबाव को हमारे देश के होनहार छात्र झेल नहीं पा रहे हैं और अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं। राहुल ने आरोप लगाया, “ये बच्चे अपनी योग्यता या परीक्षा से नहीं हारे हैं, बल्कि इन्हें देश के एक भ्रष्ट और सड़े हुए प्रशासनिक तंत्र ने मार डाला है। इसे आत्महत्या कहना गलत होगा, यह असल में व्यवस्था द्वारा की गई संस्थागत हत्या है।”

देश में परीक्षा घोटालों का भयावह इतिहास और आंकड़े

केंद्र सरकार की नीतियों पर चौतरफा हमला करते हुए राहुल गांधी ने पिछले एक दशक में हुए परीक्षा घोटालों के आधिकारिक आंकड़ों का दावा पेश किया। नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक, साल 2015 से लेकर 2026 के बीच देश के भीतर कुल 148 परीक्षा घोटाले दर्ज किए गए हैं, जिसके कारण 87 महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं।

इन प्रशासनिक विफलताओं की वजह से देश के लगभग 9 करोड़ छात्रों का कीमती समय और भविष्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाते हुए कहा कि इस लंबी अवधि में सीबीआई (CBI) ने 17 मामलों और ईडी (ED) ने 11 मामलों की जांच की, लेकिन इसके बावजूद अब तक केवल एक मामले में ही किसी दोषी को सजा मिल सकी है।

आरोपियों को संरक्षण और लचर कानूनी कार्रवाई

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर परीक्षा माफियाओं को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धांधली होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों, मंत्रियों या शिक्षा क्षेत्र के बड़े सिंडिकेट के खिलाफ कोई कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती।

राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर दिखावे के लिए किसी अधिकारी को उसके पद से हटाया भी जाता है, तो कुछ समय बाद उसे किसी दूसरे बड़े और मलाईदार पद पर बैठा दिया जाता है। व्यवस्था की इस विसंगति पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, “चोरी कराने वालों को सरकार में इनाम मिलता है और जो बच्चे दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, वे मानसिक तनाव में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं।”

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का बड़ा फैसला

इस अभूतपूर्व विवाद, छात्र आंदोलनों और चौतरफा राजनीतिक दबाव के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अंततः बड़ा फैसला लिया है। अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द की गई मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को अब आगामी 21 जून को दोबारा आयोजित करने की आधिकारिक घोषणा की गई है। गौरतलब है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक यह परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसके बाद पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स को लेकर देशव्यापी विवाद खड़ा हो गया था। अब 21 जून को होने वाली इस पुनरीक्षा पर पूरे देश के छात्रों और अभिभावकों की नजरें टिकी हुई हैं।