Rahul Gandhi Assam Rally : राहुल गांधी का केंद्र पर प्रहार, कहा- भारतीय कृषि बाजार को अमेरिका के लिए खोला

असम के कोकराझार में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय कृषि क्षेत्र को अमेरिकी बाजार के लिए खोल दिया गया है। राहुल का दावा है कि इससे स्थानीय किसान बर्बाद हो जाएंगे। क्या वाकई विदेशी कंपनियों के लिए बिछाई जा रही है रेड कारपेट? जानें राहुल का पूरा आरोप!

Rahul Gandhi Assam Rally

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 2, 2026

Rahul Gandhi Assam Rally : असम के कार्बी आंगलोंग में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश और कृषि नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समझौतों का जिक्र करते हुए जनता को आगाह किया कि दिल्ली में लिए जा रहे फैसलों का सीधा असर असम के गांवों और खेतों पर पड़ रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की कृषि व्यवस्था को अमेरिकी बाजार के प्रभाव में धकेला जा रहा है।

भारत-अमेरिका समझौता और असम का कनेक्शन

रैली के दौरान राहुल गांधी ने जनता के बीच एक अहम सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “आप यह सोच सकते हैं कि असम के चुनावों में मैं अमेरिका और भारत के बीच हुए समझौतों की बात क्यों कर रहा हूँ? इसका संबंध आपसे बहुत गहरा है।” राहुल ने विस्तार से समझाते हुए कहा कि आम जनता को यह समझना होगा कि उन पर आर्थिक दबाव कहाँ से आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां सीधे तौर पर वैश्विक शक्तियों के इशारे पर काम कर रही हैं, जिससे स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।

कृषि क्षेत्र को अमेरिकी हितों के लिए खोलने का आरोप

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ ऐसे समझौते किए हैं, जिनसे भारत की कई महत्वपूर्ण संपदाएं और बाजार अमेरिका के हवाले कर दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की पारंपरिक कृषि व्यवस्था को अब अमेरिकी कॉर्पोरेट और किसानों के लिए खोल दिया गया है। राहुल के अनुसार, यह कदम भारतीय किसानों की आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है, क्योंकि इससे घरेलू बाजार में विदेशी उत्पादों का प्रभुत्व बढ़ जाएगा।

सोयाबीन, दाल और कपास पर मंडराता संकट

कांग्रेस नेता ने उन विशिष्ट फसलों के नाम भी गिनाए जो इस समझौते की वजह से प्रभावित होने वाली हैं। उन्होंने कहा कि सोयाबीन, दालें, फल और कपास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को अमेरिकी किसानों और बाजार के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। राहुल गांधी ने चिंता जताई कि इन फसलों के आयात की शर्तों में ढील देने से भारतीय किसानों को मिलने वाली कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। इससे न केवल किसान कर्ज के जाल में फंसेंगे, बल्कि भारत की खाद्य सुरक्षा पर भी बाहरी देशों का नियंत्रण बढ़ जाएगा।

भारतीय बनाम अमेरिकी किसान: संसाधनों का बड़ा अंतर

राहुल गांधी ने भारतीय और अमेरिकी किसानों के बीच के बुनियादी फर्क को समझाते हुए कहा कि भारत का किसान अधिकतर छोटा और सीमांत है, जिसके पास संसाधन बहुत सीमित हैं। वहीं, अमेरिका में खेती बहुत बड़े पैमाने पर और आधुनिक मशीनों के साथ होती है, जहाँ सरकारें भारी सब्सिडी प्रदान करती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि भारतीय किसानों को सीधे तौर पर अमेरिकी कृषि व्यापार से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी, तो हमारे छोटे किसान कभी टिक नहीं पाएंगे। यह मुकाबला असमान है और इससे भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अपूरणीय क्षति होगी।

असम के मतदाताओं से संसाधनों की रक्षा की अपील

अपने भाषण के समापन में राहुल गांधी ने असम की जनता से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, जमीन और संसाधनों को बचाने का है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों और विदेशी ताकतों के हितों को साधने में लगी है। राहुल ने वादा किया कि यदि उनकी विचारधारा की जीत होती है, तो वे किसानों के हितों की रक्षा करेंगे और विदेशी समझौतों की समीक्षा करेंगे ताकि भारतीय कृषि को सुरक्षित रखा जा सके।

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