Rahul Dravid WTC Statement : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का मानना है कि भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC फाइनल की दौड़ में थोड़ा पीछे चल रहा है। दो बार WTC फाइनल में जगह बना चुकी टीम इंडिया फिलहाल अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। ऐसे में अगले फाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को अपने बचे हुए अधिकांश मुकाबलों में जीत हासिल करनी होगी। द्रविड़ ने कहा कि मौजूदा स्थिति के बावजूद भारत अगर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहता है तो यह शानदार उपलब्धि होगी।
श्रीलंका के खिलाफ भारत ने की शानदार शुरुआत
भारत ने श्रीलंका के खिलाफ जारी दो टेस्ट मैचों की सीरीज में अच्छी शुरुआत की है। टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और दूसरे टेस्ट में भी उसका प्रदर्शन मजबूत नजर आ रहा है। खासतौर पर बल्लेबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। द्रविड़ ने श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम की शुरुआत को सकारात्मक बताया, लेकिन उनका मानना है कि आगे आने वाले विदेशी दौरों में परिस्थितियां बिल्कुल अलग होंगी।
न्यूजीलैंड दौरा भारत के लिए बड़ी परीक्षा
भारत को अक्टूबर में न्यूजीलैंड का दौरा करना है, जहां टीम दो टेस्ट मैच खेलेगी। द्रविड़ के मुताबिक न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भारतीय खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं होंगी। खासतौर पर टीम के कई युवा खिलाड़ियों के पास न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में लाल गेंद से खेलने का पर्याप्त अनुभव नहीं है। इसलिए वहां भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों के सामने अलग तरह की चुनौती होगी।
कोहली-पुजारा जैसे दिग्गजों की कमी खलेगी
राहुल द्रविड़ ने न्यूजीलैंड दौरे के संदर्भ में विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की कमी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब भारत न्यूजीलैंड गया था, तब टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे। अब इन खिलाड़ियों के संन्यास के बाद युवा टीम को जिम्मेदारी संभालनी होगी। द्रविड़ के मुताबिक यह बदलाव न्यूजीलैंड सीरीज को काफी दिलचस्प बना सकता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों में कड़ी चुनौती
द्रविड़ ने कहा कि न्यूजीलैंड को उसके घरेलू मैदान पर हराना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। वहां की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए मददगार हो सकती हैं और भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक की भी परीक्षा होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय खिलाड़ी दौरे तक पूरी तरह फिट रहेंगे और वहां की परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने में सफल होंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी आसान नहीं होगी सीरीज
भारत को जनवरी 2027 से घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज भी खेलनी है। द्रविड़ का मानना है कि यह श्रृंखला भी भारतीय टीम के लिए आसान नहीं होगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम के कई खिलाड़ी भारत में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेहद उत्सुक होंगे। उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा पीढ़ी के कई खिलाड़ियों ने भारत में टेस्ट सीरीज नहीं जीती है, इसलिए वे इस बार इतिहास बदलने की पूरी कोशिश करेंगे।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर द्रविड़ ने दी सलाह
राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी अहम बात कही। उन्होंने कहा कि महज 15 साल की उम्र में इस खिलाड़ी से बहुत ज्यादा उम्मीदें करना उचित नहीं होगा। वैभव को पर्याप्त समय और घरेलू क्रिकेट में लाल गेंद से खेलने का अनुभव देना चाहिए। द्रविड़ का मानना है कि अगर वैभव को कुछ सीजन तक घरेलू क्रिकेट में टेस्ट प्रारूप की तैयारी करने का मौका मिलता है तो वह भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने की क्षमता रखते हैं।
भारत के सामने WTC में वापसी का मौका
WTC अंक तालिका में पांचवें स्थान पर होने के बावजूद भारत के पास फाइनल की दौड़ में वापसी का अवसर है। टीम को आगामी मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। श्रीलंका के खिलाफ मिली बढ़त आत्मविश्वास बढ़ा सकती है, लेकिन न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले असली परीक्षा साबित होंगे। द्रविड़ की राय से साफ है कि भारत के लिए WTC फाइनल की राह कठिन जरूर है, लेकिन टीम की क्षमता को देखते हुए उम्मीदें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
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