Punjab Kisan Roko Andolan: पंजाब में गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू न होने को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े संगठनों ने आज राज्यभर में ‘रेल रोको आंदोलन’ का ऐलान किया है। इस आंदोलन के तहत राज्य के 23 अलग-अलग स्थानों पर दोपहर 12 बजे से लेकर तीन घंटे तक रेल यातायात को रोका जाएगा।
किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को आजाद किसान मोर्चा ने भी समर्थन दिया है। संगठनों का कहना है कि सरकार की ओर से गेहूं की खरीद में देरी की जा रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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किसानों की नाराजगी और मांगें

किसान नेताओं का कहना है कि इस बार मौसम की मार के कारण पहले ही फसल प्रभावित हुई है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में मंडियों में फसल पड़ी-पड़ी खराब हो रही है, लेकिन सरकारी स्तर पर खरीद प्रक्रिया को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण मंडियों में रखी गेहूं की फसल पर असर पड़ रहा है और कई जगहों पर दाम में कटौती की जा रही है। किसानों की प्रमुख मांग है कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए, मंडियों में बारदाने की कमी को दूर किया जाए और वहां बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
राज्यभर में प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन
आंदोलन के तहत पंजाब के विभिन्न जिलों में रेलवे ट्रैक और स्टेशनों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इनमें अमृतसर जिले के देवीदासपुरा, सुनाम, होशियारपुर और दसुआ जैसे स्थान शामिल हैं। इसके अलावा हुसैनपुर के पास रेल कोच फैक्टरी और फगवाड़ा रेलवे स्टेशन पर भी प्रदर्शन होगा।
बरनाला, तरनतारन, मोगा, जगरांव, पटियाला और मानसा रेलवे स्टेशनों पर भी रेल रोकी जाएगी। फिरोजपुर जिले में टैंकां वाली बस्ती के पास प्रदर्शन किया जाएगा। अहमदगढ़, पठानकोट के परमानंद क्षेत्र, जालंधर के शाहकोट रेलवे स्टेशन और बठिंडा के रामपुरा फूल रेलवे स्टेशन भी आंदोलन के केंद्र में रहेंगे। इसके अलावा लुधियाना के साहनेवाल, फाजिल्का, मलोट और गुरदासपुर में भी रेलवे यातायात बाधित किया जाएगा।
सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश
किसान संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है ताकि गेहूं खरीद प्रक्रिया तुरंत शुरू हो सके। उनका मानना है कि यदि समय पर खरीद नहीं हुई तो किसानों को और अधिक आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई हैं। आंदोलन के चलते कई रेल मार्गों पर अस्थायी रूप से यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।









