Punjab Politics: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, पठानकोट में तेज हुआ सप्लाई बहाली अभियान

हड़ताल खत्म होने के बाद पठानकोट में बिजली विभाग बिजली आपूर्ति सामान्य करने में जुट गया है। उमस और बारिश के बीच कर्मचारी दिन-रात तकनीकी खराबियां दूर कर उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 3, 2026

Punjab Politics: पठानकोट में एक सप्ताह से अधिक लंबे समय तक चली बिजली कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। हड़ताल के खत्म होते ही बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी सक्रियता के साथ फील्ड में उतर आए हैं। वर्तमान में उमस भरी भीषण गर्मी और लगातार बदलते मौसम के बीच बिजली व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु बनाए रखना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसके बावजूद, कर्मचारी दिन-रात विभिन्न क्षेत्रों में मुस्तैदी से डटे हुए हैं, ताकि तकनीकी खराबियों को जल्द से जल्द दूर किया जा सके और बाधित बिजली आपूर्ति को सुचारु रूप से बहाल किया जा सके।

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मानसून और बारिश की चुनौतियां

मानसून के इस मौसम में तेज हवाओं, भारी बारिश और जलभराव के कारण बिजली के बुनियादी ढांचे पर सबसे बुरा असर पड़ता है। लगातार बारिश के चलते पेड़ों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं, जिससे अक्सर बड़ी-बड़ी टहनियां बिजली की हाई-वोल्टेज लाइनों पर गिर जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप तार टूटने, फ्यूज उड़ने और फीडर ट्रिप होने की घटनाएं आम हो जाती हैं।

इसके अलावा, बिजली लाइनों पर लगातार लोड के कम-ज्यादा होने (अप-डाउन) और वातावरण में अत्यधिक नमी (humidity) के कारण ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे तकनीकी खराबी आने और बिजली आपूर्ति ठप होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। कई बार खंभों पर लगे इंसुलेटर और अन्य उपकरण भी शॉर्ट सर्किट से खराब हो जाते हैं, जिन्हें तुरंत बदलना जरूरी होता है। ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी विभाग की टीमें लगातार फील्ड में रहकर लाइनों की मरम्मत, पेड़ों की खतरनाक शाखाओं की कटाई-छंटाई, ट्रांसफार्मरों की बारीकी से जांच और फाल्ट को दूर करने के कार्यों को अंजाम दे रही हैं।

शिकायतों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी

आनंदपुर फीडर की मेन लाइन पर फील्ड में कार्य कर रहे अधिकारी सुशांत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बरसात के मौसम में सामान्य दिनों की तुलना में बिजली शिकायतों का आंकड़ा कई गुना बढ़ जाता है। कभी किसी इलाके में पेड़ की टहनियां लाइन पर गिर जाती हैं, तो कहीं अचानक तार टूट जाते हैं या ट्रांसफार्मर तकनीकी कारणों से जवाब दे जाते हैं।

ऐसी प्रत्येक आपातकालीन शिकायत पर विभाग की त्वरित कार्रवाई टीमें तुरंत मौके पर पहुंचती हैं और बिना समय गंवाए बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संकट की घड़ी में सभी कर्मचारी 24 घंटे ‘अलर्ट मोड’ पर रहकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। हड़ताल की वजह से जो लंबी कतारें शिकायतों की बची थीं, उनका भी तेजी से निस्तारण किया जा रहा है।

एसडीओ का बयान और जनता से विशेष अपील

एसडीओ (नार्थ) इंजीनियर जतिंदर शर्मा ने इस स्थिति पर बात करते हुए कहा कि हड़ताल समाप्त होने के बाद सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि यदि किसी भी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो उसे न्यूनतम संभव समय में बहाल किया जाए।

उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि खराब मौसम या अन्य कारणों से यदि कहीं भी बिजली के टूटे हुए तार या कोई अन्य खतरा दिखाई दे, तो तुरंत विभाग के कंट्रोल रूम या स्थानीय कार्यालय को इसकी सूचना दें। जनसहयोग मिलने से विभाग समय रहते मरम्मत कार्य पूरा कर सकेगा और उपभोक्ताओं को इस उमस भरे मौसम में किसी बड़ी परेशानी से बचाया जा सकेगा।

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