Punjab Politics: कांग्रेस बैठक में गूंजे ‘चन्नी जिंदाबाद’ के नारे, राजा वड़िंग ने दिया साफ संदेश

बठिंडा में कांग्रेस सम्मेलन के दौरान राजा वड़िंग के संबोधन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगे।

Punjab Politics

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 3, 2026

Punjab Politics: पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंतर्कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। बठिंडा के गोनियाना में सोमवार को आयोजित कांग्रेस के एक जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपना संबोधन देने के लिए मंच पर आए। सभा में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान मंच पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जो इस घटनाक्रम को देखकर कुछ देर के लिए असहज हो गए।

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राजा वड़िंग का अनूठा अंदाज और फोन मिलाने की कोशिश

नारेबाजी के दौरान स्थिति को संभालने और नरमी बरतने के लिए पंजाब कांग्रेस प्रमुख राजा वड़िंग ने एक अलग ही रुख अपनाया। उन्होंने नारे लगा रहे एक कार्यकर्ता को मंच पर बुलाया और बड़े ही सहज अंदाज में कहा कि यदि वह चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगाना ही चाहता है, तो मंच से आकर लगाए।

इसके बाद उस कार्यकर्ता ने मंच से ही ‘चन्नी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। बात यहीं खत्म नहीं हुई, राजा वड़िंग ने उस कार्यकर्ता से कहा कि वह तुरंत चरणजीत सिंह चन्नी को फोन लगाए ताकि वे बात कर सकें। हालांकि कार्यकर्ता ने फोन मिलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कुछ चन्नी समर्थक नाराज होकर कार्यक्रम स्थल से बाहर भी चले गए।

“मैं इस्तीफा नहीं दूंगा”: राजा वड़िंग का स्पष्ट संदेश

कार्यक्रम के तुरंत बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब मीडिया ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से तीखा सवाल किया कि क्या उनके पद से इस्तीफा देने से पार्टी का यह अंदरूनी विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो सकता है, तो वड़िंग ने बेहद दोटूक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं इस्तीफा नहीं दूंगा।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यदि हाईकमान या पार्टी कभी यह फैसला करती है कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए, तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के एक निष्ठावान और सामान्य कार्यकर्ता की तरह कांग्रेस पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी कार्यक्रम में किसी लोकप्रिय नेता के समर्थन में नारे लगना कोई बड़ी बात नहीं है और वह खुद भी अतीत में चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगा चुके हैं।

भूपेश बघेल ने दी नसीहत, मतभेदों को बताया सामान्य

इस पूरे विवाद और घटनाक्रम पर पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने बेहद संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बात को ज्यादा तूल न देते हुए कहा कि कांग्रेस एक बहुत बड़ा परिवार है और इतने बड़े संगठन में नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद होना कोई असाधारण बात नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी के भीतर जितने भी मतभेद हैं, उन्हें आपस में बैठकर बातचीत के जरिए आसानी से सुलझा लिया जाएगा।

भूपेश बघेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे आपसी कलह को छोड़कर आगामी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को अपना मुख्य लक्ष्य बनाएं और पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतरें। उन्होंने कहा कि इस समय पार्टी का मुख्य उद्देश्य आम जनता के जरूरी मुद्दों को मजबूती से उठाना और राज्य में फिर से कांग्रेस की सरकार बनाना है। बघेल ने अंत में दोहराया कि पार्टी में हर नेता और कार्यकर्ता एक सिपाही की तरह है, और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर उठकर हमेशा ‘पार्टी हित’ ही सर्वोपरि होना चाहिए।

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