
Punjab News: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कृषि और किसान राजनीति के गढ़ माने जाने वाले पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) को भारतीय किसान यूनियन (कादियां) का आधिकारिक समर्थन मिल गया है। यूनियन के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कादियां ने अपने पूरे प्रांतीय नेतृत्व, जिला अध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में अकाली दल को पूर्ण समर्थन देने का फैसला किया है। SAD के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस गठबंधन और समर्थन का खुलकर स्वागत करते हुए इसे पंजाब के किसानों और अकाली दल के लिए एक ऐतिहासिक दिन करार दिया।
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क्षेत्रीय पहचान और किसानों के साथ लंबा जुड़ाव

प्रेस वार्ता के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब की एक सशक्त क्षेत्रीय पार्टी है, जिसका मूल आधार ही राज्य के किसान और ग्रामीण क्षेत्र रहे हैं। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (कादियां) के पारिवारिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए बताया कि हरमीत सिंह कादियां के दादा, सरदार प्रताप सिंह कादियां ने 1971 में इस संगठन की नींव रखी थी।
बादल ने जोर देकर कहा कि दोनों ही पक्षों के बीच किसान हितों को लेकर व्यापक चर्चा हुई है। अकाली दल ने भरोसा जताया है कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है, तो किसानों से जुड़ी सभी प्राथमिकताओं और समस्याओं को प्रमुखता से हल किया जाएगा। पार्टी का मुख्य लक्ष्य खेती को एक स्थिर और लाभकारी व्यवसाय में बदलना है, ताकि पंजाब की पूरी अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।
अकाली दल के दौर में हुए किसान हितैषी कार्यों का उल्लेख

सुखबीर सिंह बादल ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की जनता और किसानों ने कांग्रेस तथा वर्तमान ‘आप’ सरकार दोनों के कार्यकाल को देख लिया है, लेकिन कृषि क्षेत्र के उत्थान के लिए किसी ने ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों के हित में सभी बड़े और ऐतिहासिक फैसले तब लिए गए, जब सरदार प्रकाश सिंह बादल राज्य के मुख्यमंत्री थे।
उन्होंने पूर्ववर्ती अकाली सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया। खेतों में कच्ची नालियों के स्थान पर पक्के खालों का निर्माण और अंडरग्राउंड पाइपलाइन सिस्टम की स्थापना। किसानों को निर्बाध कृषि कार्यों के लिए मुफ्त बिजली और ट्यूबवेल कनेक्शन की सुविधा। ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों से टैक्स खत्म करना। अनाज मंडियों का सुदृढ़ीकरण और गांवों को आपस में जोड़ने वाली लिंक सड़कों का व्यापक जाल बिछाना।
अकाली दल का अन्य किसान संगठनों को भी न्योता

अकाली दल अध्यक्ष ने पंजाब के अन्य किसान संगठनों से भी अपील की कि वे अपने और राज्य के बेहतर भविष्य के लिए शिरोमणि अकाली दल का साथ दें। उन्होंने बीकेयू (कादियां) के नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि पार्टी किसानों के भरोसे को कभी टूटने नहीं देगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बनने की स्थिति में कृषि से जुड़े सभी निर्णय किसान प्रतिनिधियों के साथ आपसी सहमति और बैठकर चर्चा करने के बाद ही लागू किए जाएंगे।
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